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शिक्षा विभाग के कई अफसरों की नौकरी जाना तय

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शिक्षा विभाग के कई अफसरों की नौकरी जाना तय
0 अनिवार्य सेवानिवृत्त का आदेश होने के बाद शासन को भेजी गई थी 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके द्वितीय श्रेणी के 175 अफसरों की सूची
0 33 के खिलाफ अब भी चल रही विभागीय जांच
0 कुछ ऐसे अफसर भी चिह्नित किए, जिन्हें पूर्व में दी गई क्लीन चिट
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। वाणिज्य कर समेत कई विभागों के बाद अब शिक्षा विभाग में 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके और गंभीर मामलों में जांच के दायरे में आए कई अफसरों की नौकरी जानी तय है। इसमें परिषद के अफसरों के साथ कई डायट प्राचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शामिल हैं। परिषद मुख्यालय से ऐसे 175 द्वितीय श्रेणी अफसरों की सूची शासन को करीब डेढ़ माह पहले ही भेजी गई थी। हालांकि इसमें से सात अफसर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। शेष अफसरों में से कई पर अनुशासहीनता, अनियमितता, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। शासन ने इन अफसरों की कई स्तरों पर जांच करा ली है। इनमें से कार्य में अक्षम एवं दोषी अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्त देने की तैयारी कर ली है। नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना खत्म होने के बाद इस संबंध में आदेश जारी होने के आसार हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से 50 वर्ष की आयु के ऊपर के ऐसे अफसर जो तमाम आरोपों के घेरे में हैं तथा कार्य करने में अक्षम हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति की योजना बनाई गई। सरकार का फरमान जारी होने के बाद शिक्षा विभाग से भी ऐसे अफसरों की सूची मांगी गई। सितंबर के दूसरे सप्ताह में परिषद मुख्यालय से 175 अफसरों की सूची शासन को भेजी गई, जबकि प्रथम श्रेणी के अफसरों की सूची लखनऊ स्थित मुख्यालय से शासन को भेजी गई। परिषद मुख्यालय से भेजी गई सूची में 33 अफसर ऐसे हैं जिन पर कई आरोपों में जांच अभी चल रही है। इस बीच अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए शासन स्तर से भी इन अफसरों की जांच कराई गई।
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सूत्रों के मुताबिक कुछ ऐसे अफसरों को भी सरकार ने चिह्नित किया है, जो पूर्व में अनियमितता में शामिल थे और उन्हें क्लीन चिट दे दी गई थी। नगर निकाय आचार संहिता लागू होने के पहले वाणिज्य कर समेत कई विभागों के अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्त देने के बाद से ही परिषद मुख्यालय में ऐसे दागी अफसरों को लेकर चर्चा का बाजार गरम है। हालांकि विभाग के उच्चाधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
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