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अगस्त के रिटर्न में की देरी, अब प्रतिदिन दो सौ रुपये जुर्माना

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अगस्त के रिटर्न में की देरी, अब प्रतिदिन दो सौ रुपये जुर्माना
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0 सरकार ने जुलाई, अगस्त में तय समय तक रिटर्न न दाखिल करने वाले व्यापारियों को राहत देने का दिया था आश्वासन
0 जुलाई का रिटर्न तय समय पर न भरने वालों को राहत, अगस्त में न भर पाने वालों के लिए अब तक कोई आदेश नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। जीएसटी में जिन व्यापारियों ने अगस्त का रिटर्न 20 सितंबर तक नहीं भरा, अब उन पर भारी-भरकम विलंब शुल्क लग रहा है। इससे व्यापारी परेशान हैं। जो व्यापारी तय समय पर फॉर्म 3बी में रिटर्न नहीं भर सके, वे इस उम्मीद में बैठे थे कि जुलाई की भांति अगस्त का रिटर्न समय से न भरने पर विलंब शुल्क से राहत मिल जाएगी, क्योंकि केंद्रीय वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया था लेकिन ऐसा नहीं अब तक नहीं हुआ।
प्रदेश में बड़ी संख्या में व्यापारी जुलाई और अगस्त में तय समय पर फॉर्म 3बी के जरिए ऑनलाइन रिटर्न नहीं दाखिल कर सके। तय समय तक रिटर्न न दाखिल करने पर प्रतिदिन दो सौ रुपये के हिसाब से विलंब शुल्क निर्धारित है। द टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर केसरी, पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार केसरवानी एवं महामंत्री विपिन सिंह का कहना है कि छह अक्तूबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आश्वासन दिया था कि जुलाई और अगस्त का रिटर्न तय समय पर न दाखिल करने और टैक्स न जमा करने वाले व्यापारियों से विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बाद जुलाई में निर्धारित समय तक रिटर्न न दाखिल करने वाले व्यापारियों को विलंब शुल्क से राहत दे दी गई लेकिन अगस्त में तय समय तक रिटर्न न भरने वालों को राहत देने के लिए कोई आदेश नहीं जारी हुआ।
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उनका कहना है कि जिन व्यापारियों ने अगस्त का रिटर्न 20 सितंबर तक नहीं भरा, उन पर प्रतिदिन दो सौ रुपये विलंब शुल्क के हिसाब से भारी-भरकम देनदारी हो गई है। इससे व्यापारी चिंतित हैं। सरकार इस पर तत्काल निर्णय ले ताकि व्यापारी अगस्त का रिटर्न दाखिल कर सकें।
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