कबीर की वाणी आज भी प्रासंगिक
0 बीजक पाठ से कबीर पारख संस्थान का तीन दिनी वार्षिकोत्सव शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
कबीर पारख संस्थान प्रीतमनगर का तीन दिनी वार्षिकोत्सव मंगलवार को शुरू हुआ। संत धर्मेंद्र दास ने कहा कि कबीरदास की वाणी आज भी प्रासंगिक है। उनके बताए रास्ते पर चलकर मानव कल्याण संभव है।
बीजक पाठ से शुरुआत हुई। संत गुरुरमन ने सद्गुरु अभिलाष साहेब को याद किया। कहा कि अभिलाष साहेब का कहना था कि कुछ काम करने के होते हैं और कुछ काम जानने के होते हैं, लेकिन जानना एक बार होता है और करना जीवन भर होता है। इसलिए सही तरीके से जानकर जीवन जीना चाहिए। संत ज्ञान ने कहा कबीर आध्यात्म जगत के मसीहा है। उन्होंने कथनी कनी और रहनी से एक नया पैमाना तैयार किया। संत रतन ने कहा कि अभिलाष साहेब ने कबीर पंथ को नई ऊंचाइयां दी। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड बंगाल, मध्यप्रदेश, गुजरात आदि प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं ने संतों से कबीर वाणी सुनी और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प भी दोहराया। संचालन गुरुभूषण दास ने किया।
यतींद्र दास के मुताबिक बुधवार को बीजक पाठ से शुरूआत होगी। प्रवचन के बाद भजन कीर्तन होंगे।
संस्थान परिसर में लगा मेला
कबीर पारख संस्थान परिसर में मेले का माहौल है। कबीर साहित्य से लेकर घरेलू उपयोग में आने वाली वस्तुओं की दुकानें लगाई गईं हैं। स्वास्थ्य केंद्र पर नि:शुल्क परीक्षण भी किया जा रहा है।