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आधी अधूरी तैयारियों के साथ लागू न हो जीएसटी

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आधी अधूरी तैयारियों के साथ लागू न हो जीएसटी
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0 जीएसटी पर व्यापारियों से सीधे संवाद करें व्यापार कर विभाग के अफसर
0 सर्वसमाज उद्योग व्यापार मंडल ने एडिशनल कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

इलाहाबाद। एक जुलाई से लागू हो रहे गुड्स एंड सर्विस टैक्स के समर्थन में व्यापारी है, लेकिन व्यापारी इस पक्ष में नहीं है कि इसे आधी अधूरी तैयारियों के साथ लागू किया जाए। ऐसे में यह अच्छी योजना असफलता की ओर अग्रसर हो सकती है। यह बातें सोमवार को सर्व समाज उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु खरबंदा ने व्यापार कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन को 20 सूत्रीय ज्ञापन देने के दौरान कही। इनके नेतृत्व में जीएसटी की आधी अधूरी तैयारियों पर व्यापारियों ने प्रदर्शन भी किया।
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ज्ञापन के माध्यम से कहा कि जीएसटी लागू करने के पूर्व व्यापारियों तक प्रक्रिया की जानकारी पहुंचानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वित्त मंत्री अरुण जेटली को संबोधित ज्ञापन में आरोप लगाया कि माइग्रेशन काउंटर पर केवल इनरोलमेंट हो रहा है। विभागीय पोर्टल में सूचनाएं अंग्रेजी में दी जा रही है, जबकि उसे हिंदी में भी दिया जाना चाहिए। दवाओं पर चार प्रकार के रेट निर्धारण को भी उन्होंने अव्यवहारिक बताया। इस दौरान पेंसिल, स्कूल बैग आदि पर कर मुक्त किए जाने की मांग की । ज्ञापन में जीएसटी कानून के अंतर्गत व्यापारी को जेल भेजने के प्रावधानों का विरोध किया गया। कहा गया कि जब नई प्रक्रिया शुरू होती है तो कुछ त्रुटियां भी संभव है। इसलिए व्यापारियों को नई प्रक्रिया में ढालने के लिए कुछ वक्त लगना स्वाभाविक है। जीएसटी लागू होने के बाद कम से कम नौ माह तक व्यापारियों को तकनीकी त्रुटियों के लिए क्षमा किया जाना चाहिए। इस दौरान माजूद अहमद खान, दीपक अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, अंशु राय, सुनील जायसवाल, अंकुर अग्रवाल, अंकित बंसल, एसपी राय आदि मौजूद रहे।
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