पटरी दुकानदारों पर नीति बताने के लिए सरकार ने मांगा समय
इलाहाबाद (ब्यूरो)। सिविल लाइंस और अन्य इलाकों से हटाए गए पटरी दुकानदारों को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर इलाहाबाद विकास प्राधिकरण और प्रदेश सरकार ने स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर नीति बताने के लिए और समय की मांग की है। इस मामले में बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति विक्रमनाथ की अध्यक्षता वाली पीठ में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी होगी।
कोर्ट ने एडीए और सरकार से स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर बनी नीति के अनुपालन की जानकारी मांगी थी। सुनवाई के दौरान एडीए के अधिवक्ता ने इस मामले मेें जानकारी देने के लिए कुछ और समय की मांग की। कोर्ट का रुख इस पर सख्त है। अदालत ने मामले को शुक्रवार को भी सुनवाई के लिए प्रस्तुत करने के लिए कहा है। याचिका पर अधिवक्ता अंशुल निगम ने पक्ष रखा। उनका कहना है कि स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नियम-कानून बनने के बाद भी उनको लाइसेंस नहीं दिया जा रहा है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर पटरी दुकानदारों को भी उजाड़ दिया गया जबकि हाईकोर्ट का आदेश सिर्फ अतिक्रमण करने वालों को हटाने का है।