उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई के निशाने पर आयोग के 15 अफसर हैं। इनमें एक पूर्व सचिव भी शामिल हैं। पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के कार्यकाल के दौरान भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के मामले में सीबीआई को इन अफसरों के खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इसी आधार पर सीबीआई ने इन्हें संदिग्ध अफसरों की सूची में शामिल कर लिया है और अब नजर रखी जा रही है। आयोग में भी सीबीआई की एक टीम अलग से तैनात है।
सीबीआई कैंप कार्यालय में इन सभी अफसरों से पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों का कहना है कि इनमें से दो-तीन अधिकारी अनु सचिव स्तर के हैं। बाकी अनुभाग अधिकारी समेत कुछ अन्य अफसर हैं। ये सभी पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के कार्यकाल में भी तैनात थे। इसके अलावा आयोग के एक पूर्व सचिव भी इनमें शामिल हैं, जो अपनी तैनाती के दौरान काफी विवादित रहे। पीसीएस परीक्षा-2015 में मॉडरेशन की आड़ में नंबर घटाए-बढ़ाए जाने का मामला हो या दूसरी बड़ी परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े मामले, सूत्रों के अनुसार हर जगह इनकी भूमिका संदिग्ध रही और जांच के दौरान सीबीआई को भी इनके खिलाफ कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सीबीआई ने इनके मोबाइल नंबरोें के भी रिकार्ड खंगाले हैं और इनमें से कुछ अफसरों की गतिविधियां काफी ज्यादा संदिग्ध हैं। सीबीआई की टीम इन अफसरों पर पैनी नजर रख रही है। पूछताछ के दौरान भी इनमें से कुछ अफसरों ने परीक्षाओं में गड़बड़ी की बात स्वीकारी है। खुद को फंसते देख कुछ कर्मचारी और अफसर सीबीआई के लिए गवाह बनने को भी तैयार हैं।
सीबीआई ने आयोग के संदिग्ध अफसरों से उनकी संपत्ति का ब्यौरा भी मांगा था। सूत्रों का कहना है कि जिन अफसरों ने संपत्ति का ब्यौरा दिया है, उनमें से तीन अफसरों ने सीबीआई को गलत सूचना दी है। सीबीआई अब उनके बैंक एकाउंट खंगाल रही है। साथ ही उनकी संपत्ति के बारे में सीबीआई अब अपने स्तर से जानकारी जुटा रही है। अन्य अफसरों की ओर से दी गई संपत्ति की जानकारी को भी क्रॉस चेक किया जा रहा है। गलत सूचना देने वाले अफसरों के खिलाफ सीबीआई सीधे कार्रवाई की तैयारी में है।
आयोग के कुछ कर्मचारियों और अफसरों के खिलाफ गड़बड़ी किए जाने का सुराग मिलने के बाद सीबीआई ने अब सख्ती शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कुछ अफसरों ने सीबीआई के समक्ष गलत बयान दिया, जिस पर सीबीआई को सख्ती करनी पड़ी। सीबीआई की ओर से सख्ती से पूछताछ किए जाने के कारण आयोग में हड़कंप मचा हुआ है। जिन अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ नहीं हुई है, वे इस बात से सहमे हुए हैं कि उन्हें भी सीबीआई कैंप कार्यालय बुलाया जा सकता है।
भर्ती परीक्षाओं की जांच का नेतृत्व कर रहे सीबीआई के एसपी राजीव रंजन दिल्ली लौट गए हैं लेकिन उनकी टीम इलाहाबाद में ही है। शनिवार को भी गोविंदपुर स्थित सीबीआई कैंप कार्यालय में आयोग के कुछ अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ दिन भर जारी रही। इसके अलावा पीसीएस-2015 के छह संदिग्ध चयनित अफसरों से भी पूछताछ की गई। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई के अफसर जल्द ही इलाहाबाद लौटेंगे और इसके बाद कोई बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की टीम को यह सुराग भी मिला है कि आयोग की भर्ती परीक्षाओं में पूरा रैकेट काम कर रहा था। कोई एक पदाधिकारी या अधिकारी इतने बड़े पैमाने पर भर्ती परीक्षाओं में अकेले धांधली नहीं कर सकता। इसमें आयोग के तमाम अफसर, कर्मचारी और दलाल भी शामिल रहे होंगे। इसी वजह से सीबीआई के आयोग के ज्यादातर अफसरों और कर्मचारियों की संपत्ति खंगाल रही है।