सीएम की वीसी को नसीहत, संवादहीनता खत्म करें
0 इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू और छात्रों के बीच चल रहा विवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार तक पहुंच गया है। रविवार सुबह सरकिट हाउस में कुलपति की मुख्यमंत्री से दूसरी मुलाकात हुई। वहां मौजूद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जब संवादहीनता का मुद्दा उठाया तो सीएम ने कुलपति को नसीहत दी कि वह छात्रों से वार्ता करें और संवादहीनता खत्म करें। बता दें कि सीएम कुलपति को एक बार पहले भी लखनऊ बुला चुके हैं।
सीएम की नसीहत के बाद कुलपति का जवाब था कि वह छात्रों और अभिभावकों से नियमित रूप से मिल रहे हैं। अनुशासनहीन छात्रों से वार्ता नहीं करते हैं और न ही भविष्य में करेंगे। सीएम ने कुलपति को आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए जितनी भी मदद होगी, सरकार करेगी। वीसी ने कहा कि जिस तरह हॉस्टल वॉश आउट के मुद्दे पर प्रशासन और पुलिस का सहयोग मिला, वैसे ही मदद मिलती रही तो तीन माह में विश्वविद्यालय में शत-प्रतिशत अनुशासन होगा।
पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय की गिरी साख पर सीएम ने कुलपति से कहा कि अराजकता फैलाने वालों से समझौता बिल्कुल न करें। वीसी के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के अध्यक्ष एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे भी सीएम से मिलने पहुंचे थे। दोनों ने सीएम को अभिनंदन पत्र दिया और दोबारा इलाहाबाद आने का आग्रह किया। वीसी ने विश्वविद्यालय के माहौल के बारे में सीएम से बात की और यह भी बताया कि पूर्व में हुई गड़बड़ियों के कारण किस तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं।
वापस होगा छात्रों पर दर्ज मुकदमा
0 मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के छात्रों को दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हॉस्टल वॉश आउट और अन्य मुद्दों पर 28 अप्रैल को हुए बवाल में जेल गए छात्रों पर दर्ज मुकदमे सरकार वापस लेगी। यह आश्वासन सीएम योगी आदित्यनाथ ने आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्रों को दिया। सीएम ने रविवार को सरकिट हाउस में दो छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और दूसरे मुद्दों पर चर्चा हुई। सीएम ने छात्रों से कहा कि बवाल के बाद जो कार्रवाई हुई, वह जरूरी थी लेकिन छात्रों पर दर्ज मुकदमे जल्द ही वापस लिए जाएंगे।
सीएम से मिलने पहुंचे छात्र संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंह और विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह का दावा है कि उन्होंने जब सीएम से कहा कि वीसी से तो मिल लिए, लेकिन छात्रों से उनकी मुलाकात नहीं होने दी जा रही है तो इस पर सीएम ने कहा कि उन्होंने वीसी को लखनऊ मिलने के लिए नहीं बुलाया था बल्कि संवादहीनता के मुद्दे पर तलब किया था और कहा था कि छात्रों से वार्ता कर उनकी समस्या का निराकरण करें। सीएम ने छात्रों से कहा कि उन्हें आंदोलन पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन छात्र इस बात का ध्यान रखें कि उनके आंदोलन में अराजकतत्व शामिल न हों। छात्रों ने कुलपति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीएम को ज्ञापन के जरिए बताया कि कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के कार्यकाल में इतिहास में पहली बार प्रवेश परीक्षा का पर्चा व्हाट्सएप पर लीक हुआ। प्रवेश परीक्षा सत्र 2016-17 के केंद्र आवंटन में भारी पैमाने पर घपला हुआ। ऐसे पदों का सृजन कर वीसी ने अपने चहेतों की नियुक्ति की, जिनका विश्वविद्यालय के संविधान में कोई प्रावधान नहीं है। छात्रों ने मांग की कि वीसी को हटाया जाए। इस पर सीएम ने कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। केंद्र सरकार तक छात्रों की बात पहुंचा देंगे।