हाईकोर्ट में 289 सरकारी वकीलों की नियुक्ति
0 151 पैनल से बाहर हुए, कई को मिली प्रोन्नति
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ खंडपीठ में मुकदमों की पैरवी के लिए सरकारी वकीलों की एक और सूची जारी की है। साथ ही पुरानी सूची में व्यापक फेरबदल भी किया है। पूर्व में तैनात कई अधिवक्ताओं को प्रोन्नति देकर उच्च पद प्रदान किए गए तो लगभग 150 वकीलों को पैनल से बाहर कर दिया गया। इस सूची को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है। आरोप लग रहा है कि सूची जारी करने में कई मानकों की अनदेखी की गई है और हड़बड़ी में सूची जारी की गई जिसमें तमाम विसंगतियां हैं।
विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा आठ फरवरी को जारी सूची में 159 इलाहाबाद प्रधानपीठ और 130 लखनऊ खंडपीठ में कुल 289 राज्य विधि अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसी प्रकार से प्रधानपीठ के 109 और लखनऊ पीठ के 43 कुल 151 राज्य विधि अधिकारियों की पैनल से छुट्टी कर दी गई है। भाजपा सरकार में सरकारी पैनल में नियुक्तियों को लेकर शुरू से विवाद उठ रहा है। सात जुलाई 2017 को जारी सूची को कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने नियुक्तियों में शुचिता कायम रखने का निर्देश दिया था। इसके बाद महाधिवक्ता की अध्यक्षता में पांच अधिकारियों की कमेटी गठित की गई। जिसने समीक्षा कर अयोग्य लोगों को सूची से हटाते हुए अक्टूबर 17 में नई सूची जारी की। इसके बाद भी कई सूचियां जारी हुईं, उनपर भी सवाल उठे है। महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि भविष्य में गलती दोहराई नहीं जाएगी।