सिर्फ दो सदस्यों के भरोसे रह गया यूपीपीएससी
आयोग के सदस्य डीसी मिश्र भी हो गए सेवानिवृत्त
शासन स्तर से सात नए सदस्यों की होनी है नियुक्ति
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) सिर्फ दो सदस्यों के भरोसे रह गया है। शुक्रवार को आयोग के एक अन्य सदस्य डीसी मिश्र भी सेवानिवृत्त हो गए। शासन स्तर से सात नए सदस्यों की नियुक्ति होनी है। नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया काफी पहले पूरी हो चुकी है। सदस्यों की नियुक्ति न होने से आयोग की परीक्षाएं प्रभावित होने लगी हैं।
डीसी मिश्र यूपीपीएससी में 22 माह की सेवा पूरी करने के बाद शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुए। सचिव जगदीश के नेतृत्व में हुई बैठक में डीसी मिश्र को सम्मानित किया गया और उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। आयोग में सदस्यों के कुल आठ पद हैं। इनमें से 15 जून को सदस्य डॉ. सुनील कुमार जैन, सैयद फरमान अली एवं मेजर संजय यादव और 20 जून को एके गुप्ता रिटायर हो चुके हैं। सात अगस्त को लोरिक यादव सदस्य पद से रिटायर हुए और शुक्रवार को डीसी मिश्र सेवानिवृत्त हो गए। छह सदस्यों के रिटायरमेंट के बाद आयोग में सदस्यों की संख्या दो रह गई है। इनमें से एक सदस्य देवी प्रसाद द्विवेदी अक्तूबर में रिटायर हो जाएंगे और तब यूपीपीएससी केवल एक सदस्य के भरोसे रह जाएगा।
सरकार आयोग पर दबाव बना रही है कि परीक्षाएं समय से कराई जाएं और परिणाम भी निर्धारित समय सीमा में घोषित किए जाएं लेकिन सदस्यों की संख्या पर्याप्त न होने के कारण परीक्षाओं पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। शासन ने आयोग में सात नए सदस्यों की नियुक्ति के लिए 25 अप्रैल से 25 मई के बीच ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। तीन माह बीत चुके हैं लेकिन सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई। आयोग के सदस्य ही इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष होते हैं। इस बीच आयोग पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित करने की तैयारी में है। अगर परिणाम आता है तो केवल दो सदस्यों के भरोसे इंटरव्यू करा पाना आयोग के लिए मुश्किल होगा। इसके अलावा सीधी भर्ती परीक्षाएं भी प्रभावित हो रही हैं, क्योंकि इनमें केवल इंटरव्यू के माध्यम से भर्तियां की जाती हैं।