जिला सहकारी बैंक से धोखाधड़ी कर 53 लाख रुपये के गबन के मामले में स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने आरोपी शिवराज सिंह की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। नियमित जमानत पर सुनवाई 13 मई को होगी। इस प्रकरण में बलिया रसड़ा के विधायक उमाशंकर सिंह भी अभियुक्त हैं, उनके खिलाफ पहले से ही गैरजमानती वारंट चल रहा है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरिओंकार सिंह, लाल चंदन, राधेकृष्ण मिश्र और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
प्रकरण बलिया कोतवाली का है। जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक रमाशंकर राम द्वारा 11 फरवरी 2010 को धोखाधड़ी, गबन, आपराधिक न्यास भंग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रकरण में मुख्य आरोपी अजय शर्मा और विधायक उमाशंकर सिंह सहित 13 लोग अभियुक्त बनाए गए हैं। आरोप है कि भृगु आश्रम शाखा में फर्जी खाता खोलकर 53 लाख रुपये की निकासी कर रकम हड़प ली गई है।
प्रकरण में विधायक के आरोपी होने के कारण पत्रावली सुनवाई के लिए अंतरित होकर स्पेशल कोर्ट आई है। बृहस्पतिवार को अभियुक्त शिवराज सिंह हाईकोर्ट के निर्देश पर स्पेशल कोर्ट में सरेंडर कर जमानत अर्जी पेश की और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की याचना की। अभियोजन ने अंतरिम जमानत अर्जी का विरोध किया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी और अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।