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मलिन बस्ती को फिलहाल नहीं उजाड़ेगा प्रशासन

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मलिन बस्ती को फिलहाल नहीं उजाड़ेगा प्रशासन
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0 संगम क्षेत्र की मलिन बस्तियों में रहने वाले दो हजार परिवारों को राहत
0 हाईकोर्ट में दिया आश्वासन, चार दिन में मेलाधिकारी को जवाब देने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। संगम क्षेत्र के आसपास स्थित मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों के लिए यह राहत भरी खबर है। प्रशासन फिलहाल बस्ती नहीं उजाड़ेगा। ध्वस्तीरकण के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता केआर सिंह ने आश्वासन दिया है कि कोर्ट में अगली सुनवाई होने तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की जाएगी। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने मेलाधिकारी विजय किरन आनंद से इस मामले में शनिवार तक अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
समाजसेवी अंशू मालवीय, अनुराधा और मलिन बस्ती संघ ने इस मामले में अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका पर अधिवक्ता केके रॉय और स्मृति कार्तिकेय का कहना था कि बस्ती के ध्वस्तीकरण के खिलाफ वर्ष 2000 में याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर हाईकोर्ट ने ध्वस्तीकरण पर रोक लगा रखी है। यह आदेश अभी भी प्रभावी है। इसके बावजूद मेला प्रशासन कुंभ मेले के लिए बस्ती उजाड़ने जा रहा है। जबकि उक्त याचिका में जिलाधिकारी प्रयागराज ने हलफनामा दिया था कि मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों को अन्यत्र बसाने की व्यवस्था किए बिना उजाड़ा नहीं जाएगा।
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अधिवक्ता केके रॉय का कहना था कि संगम क्षेत्र के आसपास स्थित मलिन बस्तियों में करीब दो हजार परिवार रह रहे हैं। इनकी सदस्य संख्या सात हजार या अधिक हो सकती है। कोर्ट की रोक के बावजूद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया और गत पांच छह अक्तूबर को फोर्स भेज कर बस्ती उजाड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि ध्वस्तीकरण का नोटिस वापस ले लिया गया है। 321 परिवारों को दूसरी जगह बसाने की व्यवस्था की जा रही है। याचीगण का कहना था कि बस्ती में रह रहे परिवारों को उजाड़ने के बजाए दूसरे स्थान पर बसाया जाए।
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