शिवभक्ति पर नहीं, धक्कामुक्की पर हुआ निष्कासन
क्रासर
राहुल गांधी के आगे बम भोले का नारा लगाने पर कांग्रेस से निष्कासित नेताओं के मामले में जिलाध्यक्ष ने भेजी शीर्ष नेतृत्व को रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। बम भोले के नारे पर प्रदेश महासचिव समेत तीन नेताओं के निष्कासन के मामले की रिपोर्ट बृहस्पतिवार को प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को भेज दी गई। इस रिपोर्ट की प्रतियां राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत को भी भेजी गई हैं। इसमें निष्कासित किए गए नेताओं पर बम भोले का नारा लगाने के अलावा राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान कतार तोड़कर धक्का मुक्की करने और असहज स्थिति पैदा करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
बम्हरौली एयरपोर्ट पर बीते 28 सितंबर को राहुल गांधी के आगमन पर मुलाकात के दौरान कुछ नेताओं पर बम भोले का नारा लगाते हुए सुरक्षा घेरा तोड़ने का आरोप है। इस मामले में पार्टी के प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी, जितेंद्र तिवारी और हसीब अहमद को जिलाध्यक्ष में प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। नारेबाजी पर निष्कासन के इस प्रकरण को विपक्षी दलों की ओर से मुद्दा बनाने की कोशिश पार्टी में खींचतान बढ़ गई है। प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के निर्देश पर जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने इस मामले की रिपोर्ट दोपहर बाद प्रदेश अध्यक्ष के अलावा केंद्रीय नेतृत्व को भी भेजी। इस मामले से गुलाम नबी आजाद, गहलोत और राणा गोस्वामी को भी अवगत कराया गया है। जिलाध्यक्ष ने रिपोर्ट भेजे जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सिर्फ बम भोले का नारा लगाना अपराध नहीं था, लेकिन इस मामले में चिह्नित किए गए नेताओं ने वहां कतार तोड़कर सेल्फी खिंचाने के लिए धक्कामुक्की की थी।