गंगा-यमुना के जल स्तर में वृद्धि
हरिद्वार, नरौरा और कानपुर बैराज से 5.13 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने से बढ़ी चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। गंगा -यमुना के जलस्तर में बृहस्पतिवार को वृद्धि शुरू हो गई। हमीरपुर में बेतवा और यमुना में उफान आने से जल दबाव बढ़ने लगा है। इस बीच हरिद्वार, नरौरा और कानपुर बैराजों से 5.13 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ दिया गया। यह पानी अगले दो दिनों में यहां आने का अनुमान है। इससे कछारी इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है।
फाफामऊ में रात आठ बजे गंगा का जल स्तर 79.240 मीटर रिकार्ड किया गया। इसी तरह छतनाग में गंगा 76.280 मीटर पर रही। यहां चार घंटे में दो सेंटीमीटर जल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह यमुना 76.740 मीटर पर पहुंच गई। यमुना के जलस्तर में भी दो सेंटीमीटर वृद्धि दर्ज की गई है। हमीरपुर में यमुना और बेतवा के जल स्तर में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक इस दिन हरिद्वार से 51,692 क्यूसेक, नरौरा से 1,79,532 क्यूसेक और कानपुर से 2,82,013 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। ऊपरी सतह के बांधों से गंगा में लगातार जलराशि छोड़े जाने से कछारी क्षेत्रों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है।