ऑनलाइन परीक्षा की राह में रोड़ा
0 एजेंसियों ने मांगा पेपर बनाने का अधिकार, यूपीपीएससी तैयार नहीं
0 शर्त पूरी करने के लिए आयोग को अधिनियम में करना पड़ेगा संशोधन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने कुछ छोटी परीक्षाओं के ऑनलाइन आयोजन की तैयारी की थी। इसके लिए निजी एजेंसियों से बात भी की गई, लेकिन ऑनलाइन परीक्षाओं के आयोजन में पेच फंस गया है। निजी एजेंसियां पेपर तैयार करने का अधिकार मांग रही हैं, लेकिन आयोग इसके लिए तैयार नहीं है। अगर आयोग उनकी शर्त मानता है तो उसे अधिनियम में संशोधन करना पड़ेगा। ऐसे में परीक्षाओं का ऑनलाइन आयोजन फिलहाल खटाई में पड़ गया है।
आयोग की तैयारी थी कि पहले छोटी परीक्षाओं से शुरुआत की जाए और सफलता मिलने पर बड़ी परीक्षाओं का भी ऑनलाइन आयोजन किया जाए, लेकिन शुुरुआत में ही इस तैयारी को झटका लग गया है। ऑनलाइन परीक्षा के आयोजन से समय काफी बचता है। परिणाम भी जल्द जारी हो जाता है और कम समय में अधिक से अधिक परीक्षाओं का आयोजन कराया जा सकता है। परीक्षाओं की अधिकता के कारण आयोग को बार-बार परीक्षाएं टालनी पड़ रही हैं। इससे प्रतियोगी छात्रों को भी काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। अगर आयोग ऑनलाइन परीक्षा शुरू कर देता तो काफी हद तक समस्या का निराकरण हो जाता। ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए आयोग ने कुछ निजी एजेंसियों के सामने प्रस्ताव रखा था।
एजेंसियों के समक्ष यह शर्त भी रखी गई थी कि पेपर आउट होता है या किसी दूसरे तरह की गड़बड़ी होती है तो एजेंसी जिम्मेदार होगी। इस पर एजेंसियों ने यह शर्त रख दी कि पेपर तैयार करने की जिम्मेदारी भी उन्हें दी जाए। एजेंसियां पूरी परीक्षा का आयोजन अपने हाथ में लेना चाहती हैं, लेकिन आयोग इसके लिए तैयार नहीं है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि आयोग के मौजूद अधिनियम के अनुसार पेपर तैयार करने की जिम्मेदारी एजेंसियों को देना संभव नहीं है। इस बात को परीक्षा समिति के समक्ष रखा जाएगा। कोई दूसरा रास्ता तलाशा जा रहा है।