बताओ! अधियाचन भेजने के बाद अन्य स्रोतों से कैसे भरे पद
0 विभिन्न विद्यालयों ने वर्ष 2013 प्रशिक्षित स्नातक संस्कृत, हिन्दी एवं सामाजिक विज्ञान के लिए शिक्षकों की अपने स्तर से कर ली भर्ती
0 चयन बोर्र्ड ने डीआईओएस से अधियाचन भेजने के बाद अन्य स्रोतों से पद भरने के नियम-निर्देश और औचित्य की सूचना एक सप्ताह में मांगी
इलाहाबाद। प्रदेश भर के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रबंधन की मनमानी से विभिन्न विषयों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति अधियाचन के विपरीत कर ली गई। मजे की बात यह कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने कुछ समय पहले जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) से नियुक्ति के संबंध में अधियाचन रिपोर्ट मांगी तो वहां से आधी अधूरी सूचना दी गई। सत्यापन में कुछ पद कम भी दिखाए गए। अब हाईकोर्ट के निर्देश पर चयन बोर्ड ने प्रदेशभर के डीआईओएस से वर्ष 2013 में विज्ञापित प्रशिक्षित स्नातक के पदों को अन्य स्रोतों से भरे जाने के कारण पुन: सत्यापन आख्या मांगी है।
सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर खेल होता है। विद्यालय प्रबंधन और डीआईओएस कार्यालय की मिलीभगत से शिक्षकों को तैनाती की जाती है। वर्ष 2013 में प्रशिक्षित स्नातक संस्कृत, हिन्दी एवं सामाजिक विज्ञान के लिए आए अधियाचन के आधार पर विज्ञापन जारी किया गया लेकिन विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधन ने जितने विज्ञापन थे उतने चयन नहीं किए बल्कि विज्ञापित पद अपने स्तर से भर लिए। डीआईओएस से मिलीभगत करके विद्यालयों ने विज्ञापित पदों को अन्य स्रोतों जैसे स्थानांतरण, पदोन्नति, विशेष विशेषज्ञ, पूर्व चयनित अभ्यर्थी के कार्यरत होने, मृतक आश्रित नियुक्ति, अधियाचन में आरक्षण गलत प्रेषित हो जाने, नवीन जनशक्ति के अनुसार पद घट जाने से पद सत्यापित न होने से उन पदों के प्रति बोर्ड से चयन की कार्रवाई न होने की स्थिति में स्वयं शिक्षकों की नियुक्ति कर ली।
इस मामले में हाईकोर्ट में मामला भी लंबित है। इस बीच चयन बोर्ड ने पूर्व में भी डीआईओएस से सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी लेकिन उसमें अधियाचन की तारीख, रिक्त पद भरने आदि की तिथि का ब्योरा नहीं दिया गया था। अब चयन बोर्ड सचिव के निर्देश पर उप सचिव नवल किशोर ने सभी डीआईओएस को पत्र जारी कर अधियाचन प्रेषित करने की तिथि, उसे अन्य स्रोतों से भरे जाने की तिथि तथा अधियाचन भेजने के बाद अन्य स्रोतों से पदों को भरे जाने के नियम-निर्देश और औचित्य की सूचना एक सप्ताह में मांगी है। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।