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दान की पुस्तकों से चलेगी हिंदू हॉस्टल की लाइब्रेरी

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दान की पुस्तकों से चलेगी हिंदू हॉस्टल की लाइब्रेरी
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छात्रावास के अधीक्षक ने पुस्तकें दान करने के लिए लोगों से की अपील
मदन मोहन मालवीय ने की थी हॉस्टल की स्थापना, बदतर हुई हालत

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जिस हॉस्टल की स्थापना महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी, वहां का पुस्तकालय आज धूल फांक रहा है। हॉस्टल के संचालन की जिम्मेदारी ट्रस्ट की है और ट्रस्ट के पास बजट नहीं है। पूरा हॉस्टल बदहाल है। इविवि प्रशासन इस प्रयास में है कि ट्रस्ट हॉस्टल को इविवि के नाम हस्तांतरित कर दे ताकि विश्वविद्यालय अपने बजट से इसमें सुधार की प्रक्रिया शुरू कर सके। फिलहाल हॉस्टल के पुस्तकालय की दशा सुधारने के लिए वहां के अधीक्षक ने पहल की है और लोगों से पुस्तकालय के लिए किताबें दान करने की अपील की है। यह अपनी उन्होंने मदन मोहन मालवीय के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर की है।
ऐतिहासिक हिंदू हॉस्टल की स्थापना मदन मोहन मालवीय से वर्ष 1901 में की थी। शुरुआत से ही इस हॉस्टल का संचालन ट्रस्ट के हाथों में रहा। धीमे-धीमे हॉस्टल के बजट में कटौती होती गई। मौजूदा सत्र में इविवि प्रशासन ने जब सभी हॉस्टल खाली कराए और उनकी मरम्मत के लिए बजट का प्रावधान किया तो ट्रस्ट के सभी हॉस्टलों को उससे बाहर रखा गया, क्योंकि इविवि प्रशासन बजट का पैसा केवल अपने हॉस्टलों पर ही खर्च कर सकता है। हिंदू हॉस्टल के लिए ट्रस्ट ने बजट नहीं दिया और वहां कोई काम नहीं हो सका। इविवि प्रशासन इस प्रयास में है कि ट्रस्ट यह हॉस्टल इविवि को हस्तांतरित कर दे। इसके लिए लिखापढ़ी भी चल रही है लेकिन प्रक्रिया पूरी होने तक इविवि प्रशासन अपना बजट इस हॉस्टल पर खर्च नहीं कर सकता है।
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हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. राहुल पटेल का कहना है कि लोग पुस्तक खरीदते हैं, उनको पढ़ते हैं और फिर त्याग देते हैं। अगर हम ये पुस्तकें किसी पुस्तकालय को दान स्वरूप दे देते हैं तो किसी वंचित सा संसाधन विहीन विद्यार्थी की मदद की जा सकती है। पुस्तकों को फाड़ देने या कबाड़ में बेच देने से बेहतर हैं कि हम किसी विद्यार्थी की मदद करें। मदन मोहन मालवीय का भी यही विचार था कि वंचित या गरीब विद्यार्थी के लिए ऐसी पहल होनी चाहिए। इस कड़ी में लखनऊ से एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन साइंस एंड डेवलपमेंट और हेल्थ एंड एंथ्रोपलौजिकल साइंस फाउंडेशन एवं इविवि के मानव विज्ञान के दो शोध छात्रों रोहित सिंह एवं राजकमल शुक्ला ने सहयोग स्वरूप पुस्तकें दान की हैं। सभी से अपील है कि वंचित और गरीब छात्रों के लिए छात्रावास की लाइब्रेरी को पुस्तकें दान करें। इसके लिए लोग अधीक्षक के मोबाइल नंबर ‘9451391225’ या इमेल ‘rahul.anthropologist@gmail.com’ पर संपर्क कर सकते हैं।
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