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लोकअदालत में निपटे दस हजार से अधिक मुकदमे

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राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 10 हजार से अधिक मुकदमे
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0 मोटर दुर्घटना के 88 मुकदमों में तीन करोड़ से अधिक प्रतिकर का हुआ भुगतान
0 प्री लिटिगेशन में बैंकों ने वसूले सात करोड़ से अधिक
इलाहाबाद। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 10 हजार से अधिक मुकदमों के एक साथ निस्तारण में सफलता मिली है। लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय और जनपद की समस्त तहसीलों में किया गया था। इसमें 10534 मुकदमों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। जबकि हाईकोर्ट में आयोजित लोक अदालत में 201 मुकदमे निपटाए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत का उद्घाटन सुबह 10 बजे प्रशासनिक न्यायमूर्ति बाल कृष्ण नारायण ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर जिला जज एसके पचौरी, लोक अदालत के नोडल अधिकारी आरएनएम मिश्र, अपर जिला जज रमेश चन्द्र, प्रेम नाथ, सीजेएम रेशमा प्रवीण और अन्य न्यायिक अधिकारियों के अलावा बैंकों के जीएम, एलडीएम और मैनेजर तथा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भगवत प्रसाद पांडेय, मंत्री अरुण कुमार पांडेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुश पांडेय और अधिवक्तागण उपस्थित रहे है।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राम दयाल ने बताया कि लोक अदालत में चेक बाउंस के 32 मुकदमों का निस्तारण करके 74,55,779 रुपये का भुगतान दिलाया गया। इसी तरह 9934 शमनीय आपराधिक मुकदमों का निस्तारण हुआ जिसमें 13,06485 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। सुलह समझौता करके मोटर दुर्घटना के 88 मुकदमों का निस्तारण किया गया जिसमें 3,09,74932 रुपये की धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़ित पक्षकारों को दिलाई गई। पारिवारिक न्यायालय द्वारा वैवाहिक और भरणपोषण के 223 मुकदमों का निस्तारण किया गया जिसमें 10,48600 रुपये बतौर भरण पोषण दिलाया गया। पारिवारिक न्यायालय में मुकदमे लड़ रहे लगभग 20 जोड़ों को अपने गिले शिकवे दूर कर साथ-साथ रहने को राजी हुए। विद्युत बिल से संबधित 22 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें 10,6500 रुपये अर्थदंड वसूला गया। जनपद की तहसीलों सहित जिले की राजस्व अदालतों ने 2147 मुकदमों का निस्तारण किया।

लोक अदालत में प्री लिटिगेशन के मामले
इलाहाबाद। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में बैंकों, फाइनेंस कंपनियों और बीएसएनएल, वोडा फोन, आइडिया कंपनियों ने अपने स्टाल लगाए थे। जिसमें 1146 मामलों में सुलह से 7,28,27513 रुपये की वसूली की गई। बैंकों के इन स्टालों पर बड़ी संख्या में वादकारी आए थे। नवाबगंज की जूही जायसवाल ने बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा नवाबगंज से 40 हजार का शिक्षा ऋण लिया था। जिसमें बैंक को मात्र दो किस्तों में सात हजार वापस किया था। लोक अदालत की नोटिस मिली थी। बैंक के मुख्य प्रबंधक सुनील कुमार दास ने समस्या का समाधान कर दिया और जूही को 34 हजार रुपये के बकाए में 15 हजार रुपये लेकर नो ड्यूज दे दिया। शनिवार को दिन भर कचहरी में वादकारियों का मेला लगा रहा।
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हाईकोर्ट में 201 मुकदमों का निस्तारण
इलाहाबाद। शनिवार को हाईकोर्ट में लोक अदालत का आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक मुख्य न्यायमूर्ति और हाईकोर्ट विधिक सेवा के अध्यक्ष न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल के दिशा निर्देश में हुआ है। हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के सचिव पवन प्रताप सिंह ने बताया कि लोक अदालत के लिए छह पीठ का गठन किया गया । लोक अदालत पीठ में न्यायमूति एसके अग्रवाल, न्यायमूर्ति एसी शर्मा, न्यायमूर्ति महबूब अली, न्यायमूर्ति अनिरुद्ध सिंह, न्यायमूर्ति डीके सिंह, और न्यायमूर्ति आईए खान के प्रयासों से 201 मुकदमों का सुलह समझौते से निस्तारण किया गया है। लोक अदालत में महानिबंधक मो. फैज आलम खान और न्यायिक अधिकारियों ने सहयोग किया है।
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