शासन स्तर से 32 हजार भर्तियां
सूत्र बताते हैं कि होमगार्ड जवानों की कमी सिर्फ प्रयागराज में ही नहीं है, बल्कि अन्य शहरों के होमगार्ड विभाग का यही हाल है। इसका मुख्य कारण कारण है कि होमगार्ड जवानों की आखिरी बार भर्ती वर्ष 2011 में हुई थी। वहीं, इस बार होने वाली भर्तियों में करीब 32 हजार रिक्त को भरा जाएगा।
वीआईपी और ट्रैफिक पुलिस में अधिक तैनाती
वीआईपी ड्यूटी से लेकर यातायात कंट्रोल करने में सबसे अहम भूमिका होमगार्ड जवानों की हाेती है। आंकड़ों के अनुसार, इन्हीं दो जगहों पर सबसे ज्यादा होमगार्ड की ड्यूटी लगती है। सूत्रों ने बताया कि होमगार्ड जवानों की संख्या 2500 जरूर है, लेकिन इनमें से भी कई सेवानिवृत्त होने के कगार पर हैं। यही वजह है कि होमगार्ड भर्ती इन दिनों जरूरी हो गया है।