नागरिक पुलिस और पीएसी में 41520 आरक्षियों की भर्ती के लिए फरवरी 2019 मेें जारी अंतिम चयन परिणाम को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका दाखिल करने वाले ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थी हैं। याचीगण का कहना है कि कटऑफ मेरिट से अधिक अंक होने के बावजूद अंतिम परिणाम में उनका चयन नहीं हुआ, जबकि उनसे कम अंक पाने वाले अभ्यर्थी चयनित कर लिए गए हैं। पंकज सिंह और अन्य की याचिका न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने इस मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड और प्रदेश सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि पुलिस भर्ती बोर्ड ने चार दिसंबर 2018 को कट ऑफ मेरिट जारी की। इसमें ओबीसी के लिए 216.74240, एससी के लिए 172.94451 अंक और एसटी के लिए 135.107 अंकों की मेरिट जारी की गई। याचीगण के अंक कटऑफ मेरिट से ज्यादा था। उनको दस्तावेजों के सत्यापन और मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया। इसमें भी सफल हुए। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) में भी याचीगण सफल हुए। 18 फरवरी 2019 को जब अंतिम चयन परिणाम घोषित किया तो उसमें याचीगण का नाम नहीं था।
अधिवक्ता का कहना था कि याचीगण से कम अंक पाने अभ्यर्थी चयनित हो गए, जबकि भर्ती बोर्ड ने 15 दिसंबर 2018 को एक और कटऑफ जारी की थी, जिसमें मेरिट काफी नीचे आ गई थी। इसमें आने वाले अभ्यर्थी भी चयनित हो गए हैं। कोर्ट ने पुलिस भर्ती बोर्ड और राज्य सरकार को इस मामले में 27 मई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।