घटाए जाएं पीसीएस-2017 के कटऑफ अंक
0 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी के सचिव को ज्ञापन देकर की मांग
0 परिणाम संशोधित होने पर मेरिट से बाहर नहीं होना चाहते चयनित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2017 का परिणाम संशोधित होगा या उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी, इस पर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। अभ्यर्थी परेशान हैं। निर्णय आयोग को लेना है। बुधवार को अभ्यर्थियों ने आयोग के सचिव से मुलाकात की और मांग की कि परीक्षा परिणाम को संशोधित किए जाने के साथ प्रारंभिक परीक्षा के कटऑफ को दो से तीन अंक घटा दिया जाए ताकि किसी चयनित अभ्यर्थी को नुकसान न हो।
प्रतियोगियों ने कहा कि रिजल्ट को संशोधित किया जाए और प्रारंभिक परीक्षा के कटऑफ अंक घटाए जाएं, ताकि मुख्य परीक्षा में शामिल होने जा रहे कई चयनितों को बाहर न किया जाए। अगर ऐसा हुआ तो विवाद भी बढ़ेगा और बाहर होने वाले अभ्यर्थी नुकसान होने पर न्यायालय की शरण में जाएंगे। इससे परीक्षा भी प्रभावित होगी। ऐसे ही तमाम विवादों से बचने के लिए दूसरे राज्यों के विभिन्न लोक सेवा आयोगों ने इस प्रकार के निर्णय लिए हैं। प्रतियोगियों ने सचिव से यह भी जाना चाहा कि मुख्य परीक्षा प्रस्तावित तिथि 17 मार्च को आयोजित की जा सकेगी या नहीं। इस पर सचिव जगदीश ने प्रतियोगियों से कहा कि जब तक आयोग कोई निर्णय नहीं लेता, तब तक मानकर चलें कि परीक्षा प्रस्तावित तिथि पर ही होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोग जल्द ही बैठक कर कोई निर्णय लेगा। सचिव को ज्ञापन देने वालों में धनंजय सिंह, विनय सिंह, शिवेंद्र प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, राहुल यादव, राहुल पाठक, दिलीप सिंह, अनिल सिंह, जयय बख्श सिंह, दिग्विजय सिंह आदि शामिल रहे।