परीक्षा में सख्ती हुई तो बहुतेरे छोड़ देंगे रण
0 वर्ष 2017 के मुकाबले 2018 के लिए छह लाख 37 हजार 480 विद्यार्थियों के पंजीकरण बढ़े
0 2017 में हाईस्कूल में चार लाख तीन हजार 19, इंटर में एक लाख 32 हजार 475 ने छोड़ी परीक्षा
0 अबकी सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में परीक्षा की हो रही है तैयारी, ऑनलाइन होगी मॉनीटरिंग
0 संशोधित नकल अध्यादेश भी हो सकता है लागू, केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक पर होगी सख्ती
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड की वर्ष 2018 में होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए छात्र-छात्राओं के पंजीकरण का काम पूरा हो चुका है। दोनों परीक्षाओं के लिए कुल 66 लाख 93 हजार 483 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने इस बार परीक्षा नकलविहीन कराने का निर्णय लिया है। इससे लोगों में भाजपा के पूर्व शासनकाल में हुई यूपी बोर्ड की परीक्षा की याद ताजा हो गई है। ऐसे में अभी यह संख्या भले वर्ष 2017 की तुलना में छह लाख 37 हजार 480 बढ़ गई हो लेकिन सरकार जिस तरह सख्ती के साथ परीक्षा कराने की योजना पर काम कर रही है, माना जा रहा है कि अंतिम समय में परीक्षा छोड़ने वाले विद्यार्थियों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
वर्ष 2018 की परीक्षा के लिए हाईस्कूल में कुल 37 लाख 35 हजार आठ छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया। इसमें से 35 लाख 89 हजार 141 संस्थागत एवं एक लाख 14 हजार 367 व्यक्ति विद्यार्थी हैं। इसकी तुलना में वर्ष 2017 में कुल 34 लाख एक हजार 511 ने पंजीकरण कराया और परीक्षा में 28 लाख 58 हजार 471 संस्थागत एवं एक लाख चार हजार 21 ने व्यक्तिगत विद्यार्थी के रूप में परीक्षा दी। हाईस्कूल में चार लाख तीन हजार 19 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। इसी तरह इंटरमीडिएट में कुल 26 लाख 54 हजार 492 विद्यार्थी पंजीकृत हुए और परीक्षा में संस्थागत के रूप में 23 लाख 60 हजार 791 तथा व्यक्तिगत के रूप में एक लाख 61 हजार 226 विद्यार्थी शामिल हुए। इंटर में परीक्षा छोड़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या एक लाख 32 हजार 475 रही।
यानी पिछले परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में कुल पांच लाख 35 हजार 494 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल नहीं हुए। इस बार सरकार ने सभी केंद्रों पर परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराने की तैयारी की है। इसके जरिए परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक सरकार ने नकल माफिया का वर्चस्व खत्म करने के लिए यह योजना बनाई है। इसके अलावा परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेट नियुक्ति किए जाएंगे। नकल रोकने की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर होगी। कहा यह भी जा रहा है कि कुछ परिवर्तन के साथ सरकार नकल अध्यादेश भी लागू कर सकती है। इसमें नकल होने पर विद्यार्थियों के बजाए केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक के खिलाफ सख्ती की जाएगी।