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रोड पटरियों से हटाए नहीं जाएंगे दुकानदार

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रोड-पटरी से नहीं हटाए जाएंगे दुकानदार
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0 हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शासनादेश जारी
0 स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत 30 अगस्त तक होगा सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
सूबे के विभिन्न शहरों पर सड़क पटरियों पर दुकान लगाकर रोजगार कर रहे लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। हाईकोर्ट के सख्त रुख बाद प्रदेश सरकार ने पटरी दुकानदारों को नहीं हटाने और नीति के तहत सुविधाएं देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सरकार ने 15 जून को शासनादेश भी जारी कर दिया है। शासनादेश में पथ विक्रेताओं के लिए एक समिति गठित कर विक्रय क्षेत्र का निर्धारण, विक्रेताओं को लाइसेंस देने और परिचयपत्र बनाने का निर्देश है। प्रदेश सरकार की ओर से शुक्रवार को इस आशय की जानकारी रेखा सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति केपी सिंह की पीठ के समक्ष दी गई।
याची की ओर से अधिवक्ता अंशुल निगम और सरकार के अधिवक्ता डॉ. वाई के श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि उत्तर प्रदेश पथ विक्रे ता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियम) नियमावली 2017 के तहत 15 जून को शासनादेश जारी कर निदेशक स्थायी निकाय और नगर निगमों, निकायों के प्रमुखों को इसका कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है। इसके तहत पटरी दुकानदारों को हटाया नहीं जाएगा। हर जिले में 15 जुलाई तक एक कमेटी गठित कर पटरी दुकानदारों का सर्वे कराया जाएगा। सर्वे 30 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। उनके लिए बाजार चिह्नित किए जाएंगे और उसी के अनुरूप दुकानदारों को लाइसेंस दिए जाएंगे। सभी लाइसेंसी दुकानदारों को परिचय पत्र जारी करने की योजना है। यह सारी प्रक्रिया 30 अक्तूबर तक पूरी कर ली जाएगी। शासनादेश में नए पटरी बाजार बनाने का भी निर्देश है। सरकार की योजना पटरी दुकानदारों को पुर्नस्थापित करने की है।
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याची के अधिवक्ता का कहना था कि सरकार अतिक्रमण अभियान के दौरान पटरी दुकानदारों को भगा देती है जिससे उनकी आजीविका प्रभावित होती है जबकि प्रदेश में पटरी दुकानदारों के संरक्षण हेतु कानून बना है। हाल ही में इलाहाबाद में रोड पटरी दुकानदारों को अतिक्रमण अभियान के दौरान खदेड़ दिया गया। कोर्ट ने शासनादेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी है।
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