फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों पर भड़के शिवगोपाल

विज्ञापन
विज्ञापन
नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) के 15 वें वार्षिक सम्मेलन में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल सोमवार को केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर भड़के। उन्होंने कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों से रेलकर्मी परेशान हैं। संभावना है कि श्रम कानूनों में बदलाव किए जाने की तैयारी चल रही है। न्यू पेंशन स्कीम रद्द करने पर भी सरकार ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। इससे देशभर के 6.50 लाख युवा रेलकर्मी निराश हैं।
विज्ञापन


डीआरएम ऑफिस सभागार में सम्मेलन के दूसरे दिन प्रतिनिधि सत्र की अध्यक्षता कर रहे शिवगोपाल मिश्र ने कहा कि कर्मचारियों की तमाम मांगों को लेकर रेलवे एवं वित्त मंत्रालय में धूल फांकती फाइलें जो सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विपरीत होने के कारण 11 जुलाई 2016 से हड़ताल के निर्णय से संबंधित थी। हड़ताल को स्थगित करने के लिए तीन केंद्रीय मंत्रियों के समूह ने बैठक कर तमाम समस्याओं पर चर्चा की। लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

इस सत्र में यूनियन के जोनल महामंत्री आरडी यादव ने कहा कि सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सभी पदों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। लेकिन रेलवे में महिला कर्मियों को उनके कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है। महिलाओं से यौन शोषण के मामले भी बढ़े हैं। उन्होंने कर्मचारियों से जुड़ी तमाम समस्याएं प्रमुखता से उठाई। तय हुआ कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान न किया जो यूनियन चक्काजाम करने से बाज नहीं आएगी। इस दौरान मंडल मंत्री शीतला प्रसाद श्रीवास्तव, नागेंद्र प्रताप सिंह, अरविंद पांडेय, आरएन सिंह, डीके मौर्य, रामसिंह, मुहिबउल्लाह, आरआर सिंह, एके सिंह, राजू प्रसाद, रमेश यादव, इशरत लईक आदि मौजूद रहे। प्रतिनिधि सभा में यूनियन को लेखाजोखा भी पेश किया गया। उधर, आगरा, झांसी मंडल से आए रेलकर्मियों के लिए रेलवे की ओर से आई ट्रेन शाम पांच बजे के आसपास जंक्शन से वापस अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें