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पीसीएस-2017 की कॉपियों का मूल्यांकन भी चुनौती

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पीसीएस-2017 की कॉपियों का मूल्यांकन भी चुनौती
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0 अब तक पीसीएस-2016 की कॉपियों का पूरा नहीं हो सका मूल्यांकन
0 विशेषज्ञ और मॉडरेटर न मिलने के कारण कॉपियां जांचने में हो रही देर
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने विवादों के बीच पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा को करा ली लेकिन इस परीक्षा का समय से परिणाम घोषित हो पाना मुश्किल है। आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कॉपियों का समय से मूल्यांकन करा पाना है। अब तक पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा की कॉपियां नहीं जांची जा सकी हैं। ऐसे में पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा के परिणाम के लिए अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि विशेषज्ञ और मॉडरेटर न मिलने के कारण पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन में बाधा आ रही है और इसी वजह से परिणाम में देर भी हो रही है। पीसीएस-2016 की प्रारंभिक 633 पदों के लिए 20 मार्च 2016 को आयोजित की गई थी और 27 मई को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी घोषित कर दिया गया था। इसमें 14615 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। मुख्य परीक्षा वर्ष 2016 में 20 सितंबर से पांच अक्तूबर तक आयोजित की गई थी। इसमें 12897 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इस बीच प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्नों के विवाद का मामला हाईकोर्ट चला गया। दिसंबर 2016 में हाईकोर्ट ने परिणाम संशोधित करने का आदेश दिया। आयोग ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी और 2017 की शुरुआत में अयोग को स्टे मिल गया। इसके बाद मुख्य परीक्षा की कॉपियां जांचने का काम शुरू कर दिया गया, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है।
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वहीं, पीसएस-2017 की प्रारंभिक परीक्षा 24 सितंबर 2017 को आयोजित की गई थी। कुल 677 पदों के लिए हुई प्रारंभिक परीक्षा में 21 जिलों में कुल 982 और इलाहाबाद में 68 केंद्र बनाए गए थे। प्रदेश भर से परीक्षा के लिए कुल चार लाख 55 हजार 297 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें दो लाख 46 हजार 710 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से तकरीबन 14032 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए थे। प्रारंभिक परीक्षा 18 जून से सात जुलाई तक आयोजित की गई। आयोग अब तक पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन नहीं करा सका है। ऐसे में पीसीएस-2017 की मुख्य कॉपियों का समय से मूल्यांकन करा पाना और परिणाम घोषित कर पाना आयोग के लिए बड़ी चुनौती है।
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