दिल्ली में इलाहाबाद के छात्रों पर बरसी लाठियां
एसएससी परीक्षा की पांच वर्ष की अवधि की सीबीआई जांच कराने पर अड़े छात्रों पर लाठीचार्ज से नाराजगी बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। एसएससी परीक्षा की बीते पांच वर्षों की सीबीआई जांच कराने की मांग पर दिल्ली में अड़े प्रदर्शनकारियों पर शनिवार को हुए लाठीचार्ज में इलाहाबाद के भी छात्र घायल हो गए। सिविल लाइंस स्थित एक कोचिंग के शिक्षक सुशील गुप्ता समेत कई छात्रों को जख्मी हालत में राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज की जानकारी मिलने केबाद यहां भी नाराजगी बढ़ गई। बैठक कर छात्रों ने कहा कि अगर पांच वर्ष की परीक्षा की सीबीआई जांच कर पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया का मॉडल तैयार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
युवा मंच के अनिल सिंह ने कहा कि लोक सेवा आयोग की भर्ती की पांच साल की जांच यदि हो रही है तो एसएससी परीक्षा की जांच कराने में सरकार पीछे क्यों भाग रही है। सबका साथ सबका विकास करने वाली सरकार कारपोरेट घरानों के हाथों देश को गिरवी रख देना चाहती है । युवाओं की आवाज को लाठियों से दबाने का प्रयास किया जा रहा है। बीएड उत्थान जन मोर्चा एवं युवा अधिकार मंच की प्रदेश अध्यक्ष संगीता पाल ने कहा कि भाजपा सरकार की कथनी व करनी सामने आने लगी है। इसे छिपाने के लिए माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के गठन के लिए एक साल से अधिक समय बीत जाने पर भी विचार नहीं हो रहा है। जायज मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज के आदेश दिए जा रहे हैं। बैठक में युवा मंच के प्रवक्ता उदय सिंह लोधी, रवींद्र पांडेय, संदीप कुमार शुक्ल, कंचन सिंह, गीता सिंह, बीएड उत्थान जन मोर्चा एवं युवा अधिकारी युवा अधिकार मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद मौर्य, कोषाध्यक्ष उमा शंकर सिंह, राहुल सिंह, आलोक सिंह, लाल मुनाई सिंह, प्रमोद सिंह , अशोक महादेव, वीरेंद्र सिंह, राकेश गजिया,मसूद आलम थे।