इलाहाबाद। फर्जी नियुक्तियां करने के आरोपी बलिया के डीआईओएस रमेश सिंह को सरकार ने आखिरकार बर्खास्त कर दिया है। इस आशय की जानकारी बुधवार को प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने मामले की सुनवाई कर रही हाईकोर्ट की पीठ को दी। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि जब लोक सेवा आयोग ने बर्खास्तगी पर अपनी सहमति दे दी है तो सरकार ने अब तक रमेश सिंह को बर्खास्त क्यों नहीं किया।
प्रदेश सरकार द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका अर्थहीन होने के आधार पर खारिज कर दी है। बलिया के रविशंकर सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर रमेश सिंह द्वारा बलिया में बीएसए रहने के दौरान लगभग सौ अध्यापकों को गलत तरीके से नियुक्त करने और उनको भुगतान कराने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने इस मामले में रिकार्ड तलब किया था। याची के अधिवक्ता द्वारा गलत नियुक्तियों का मामला उठाए जाने पर कोर्ट ने कहा कि उनकी याचिका में नियुक्तियों को चुनौती नहीं दी गई है।
इससे पूर्व इसी मामले में दाखिल एक जनहित याचिका पर 21 जून को हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि रमेश की बर्खास्तगी पर एक सप्ताह में निर्णय लिया जाए। इसके बाद एक अन्य जनहित याचिका रविशंकर सिंह ने दाखिल कर रमेश सिंह को बर्खास्त करने की मांग की थी जिस पर कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि अभी तक बर्खास्तगी क्यों नहीं की गई है।
बर्खास्तगी को देंगे चुनौती
बर्खास्त डीआईओएस रमेश सिंह ने कहा है कि वह बर्खास्तगी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे क्यों उनको गलत तरीके से शासन पर दबाव बनाकर बर्खास्त कराया गया है।
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आखिरकार बर्खास्त हुए डीआईओएस बलिया
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प्रदेश सरकार ने कोर्ट को दी जानकारी, याचिका खारिज