अगले साल ही पटरी पर आएंगी परीक्षाएं
0 यूपीपीएससी को सदस्य तो मिले, पर एआरओ का कैडर शून्य
0 आरओ/एआरओ का चयन पूरा होने के बाद सुधार के आसार
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को भले ही छह नए सदस्य मिल गए हैं, लेकिन परीक्षाएं अगले साल ही पटरी पर आ सकेंगी। आयोग में सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) का कैडर शून्य हो चुका है और समीक्षा अधिकारी के भी आधे पद खाली पड़े हैं। ऐसे में आयोग में नए आरओ एवं एआरओ की नियुक्ति के बाद ही सुधार के आसार हैं।
नए सदस्यों की नियुक्ति के बाद आयोग सबसे पहले पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित करने की तैयारी में है। सदस्य ही इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष होते हैं। आयोग को अब तक सदस्यों की नियुक्ति का इंतजार था। नए सदस्य आ जाने से अब इंटरव्यू की प्रक्रिया में तेजी आएगी और पीसीएस-2016 की चयन प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जा सकेगी। हालांकि आयोग की परीक्षाओं के आयोजन का मुख्य जिम्मा एआरओ और आरओ के पास होता है। आयोग में एआरओ के 100 से अधिक पद हैं और सभी पद खाली पड़े हुए हैं। इसके अलावा आयोग में आरओ के भी आधे पद खाली पड़े हैं। दो साल से आरओ/एआरओ की भर्ती नहीं हुई है।
आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा का पेपर व्हाट्स एप पर वायरल होने की सीबीसीआईडी जांच चल रही है और जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक परिणाम फंसा रहेगा। वहीं, आरओ/एआरओ-2017 की प्रारंभिक परीक्षा इस साल आठ अप्रैल को हो चुकी है। आयोग पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा के बाद आरओ/एआरओ 2017 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित करने की तैयारी में है। प्रारंभिक परीक्षा की उत्तरकुंजी जारी की जा चुकी है और आपत्तियों का निस्तारण भी हो चुका है। इसी माह परीक्षा परिणाम आने की संभावना है ताकि इस परीक्षा के माध्यम से आयोग में आरओ/एआरओ के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा सके और परीक्षाओं का संचालन पटरी पर आ सके।