आवेदनों की स्क्रीनिंग के आधार पर नियुक्त होंगे विशेषज्ञ
0 विशेषज्ञों का नया पैनल तैयार करने में शैक्षिक अभिलेखों की होगी गहन जांच
0 परीक्षाओं में लगातार गलत सवाल पूछे जाने से यूपीपीएससी पर उठ रहे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं में लगातार गलत सवाल पूछे जाने से आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे रहे हैं। आयोग की छवि लगातार खराब हो रही है, सो आयोग ने विशेषज्ञों का नया पैनल तैयार करने के लिए आवेदन मांगे हैं। आने वाले आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाएगी और शैक्षिक अभिलेखों की गहनता से जांच के बाद ही विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि भविष्य में आयोग को इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े।
प्रश्नपत्रों में गलत सवाल पूछे जाने के साथ वर्तनी एवं भाषायी अशुद्धियां भी बढ़ी हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में इतनी अशुद्धियां नहीं होती हैं, जितनी आयोग की भर्ती परीक्षाओं में सामने आ रही हैं। ऐसे में आयोग के लिए विशेषज्ञों का नया पैनल तैयार करना अधिक चुनौतीपूर्ण है। यही वजह है कि आयोग ने केवल अनुभवी शिक्षकों को ही विशेषज्ञों के पैनल में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके लिए केवल वही शिक्षक आवेदन करते सकते हैं, जिनके पास केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राजकीय मेकिडल कॉलेजों एवं राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर कम से कम 10 वर्ष पढ़ाने का अनुभव हो या वे सेवानिवृत्त हो चुके हों।
आयोग ने विशेषज्ञों के चयन के लिए 15 नवंबर तक आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। अध्यापन का अनुभव, योग्यता आदि सभी परखी जाएगी। इसके बाद विषयवार विशेषज्ञों का चयन किया जाएगा। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि निर्धारित शर्तें पूरी न करने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन तुरंत निरस्त कर दिए जाएंगे। शर्तें पूरी करने वाले अभ्यर्थियों के आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा और शैक्षिक अभिलेखों की गहनता से जांच के बाद ही विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।