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पीएचडी प्रवेश परीक्षा में आरक्षित वर्ग को राहत

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पीएचडी प्रवेश परीक्षा में आरक्षित वर्ग को राहत
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0 अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में पांच फीसदी की छूट
0 यूजीसी की ओर से विनियम-2016 में हुआ संशोधन
इलाहाबाद। पीएचडी और एमफिल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए राहत वाली खबर है। अब उन्हें प्रवेश परीक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हता अंकों में पांच फीसदी की छूट का लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसके लिए बनाए गए विनियम-2016 में संशोधन कर दिया है। संशोधन के बाद इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (एमफिल/पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए न्यूनतम मानंद और प्रक्रिया) (प्रथम संशोधन) विनियम, 2018 कहा जाएगा।
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पीएचडी और एमफिल प्रवेश परीक्षा में अब तक सभी वर्गों के लिए न्यूनतम अर्हता अंक 50 फीसदी निर्धारित थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों की ओर से संचालित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अर्हता अंक 45 फीसदी होंगे। यानी उन्हें पांच फीसदी की छूट मिलेगी। इसके साथ ही इस छूट के बावजूद ओबीसी, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के लिए आवंटित सीटें खाली रह जाती हैं तो संबंधित विश्वविद्यालय सामान्य श्रेणी के लिए प्रवेश प्रक्रिया की समाप्ति के एक माह के भीतर उस विशिष्ट श्रेणी के लिए विशेष प्रवेश अभियान चलाएगा। संबंधित विश्वविद्यालय अपनी स्वयं की प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही अर्हता शर्तें तैयार करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन सीटों में से अधिकांश सीटें भरी जा सकें।
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