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सलोरी

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स्कूल के भीतर भरे पानी ने तोड़ी
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दीवार, एक बच्चे की मौत, एक लापता
इलाहाबाद। बारिश के दौरान ओमगायत्री नगर स्थित एक स्कूल के भीतर भरा पानी दीवार तोड़कर अपने साथ चार बच्चों को बहा ले गया, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा खबर लिखे जाने तक नहीं मिल सका था। दो बच्चे घटना स्थल से काफी दूर नाले में घायल अवस्था में मिले। स्थानीय लोगों के साथ पुलिस लापता बच्चे की तलाश में देर-रात तक जुटी रही।
मानसून की बारिश सलोरी के ओमगायत्री नगर में भारी तबाही लेकर आई। विकास विद्यालय हरिजन आश्रम के पीछे करीब आठ फीट ऊंचाई तक भरा पानी दीवार तोड़कर मोहल्ले के भीतर घुस गया। चंद सेंकेड के भीतर पानी के तेज बहाव ने सामने बने घर का अगला हिस्सा पूरी तरह जमींदोज कर दिया। उस समय इसी मोहल्ले के अनिकेत (12), आदित्य (13), दीपक वर्मा (12) एवं शिखर (13) वहां बारिश में खेल रहे थे। अचानक पानी का तेज बहाव आने से यह बच्चे भी उसमें बह गए। बच्चों के पानी में बहते ही लोगों ने शोर मचाया। उसके बाद तलाश शुरूहुई, तब अनिकेत करीब 60 मीटर दूर पूर्वी दिशा की गली के आखिरी मकान के नाले के पास मृत मिला, जबकि आदित्य एवं दीपक सुरक्षित मिल गए। शिखर का कोई अता-पता नहीं चला। सूचना मिलने पर थोड़ी देर में सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्र एवं इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। तब तक पूर्व पार्षद राजू शुक्ला, संतोष तिवारी, सतीश आदि स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे को तलाशा जाने लगा। अगल-बगल के नालों में बच्चे की तलाश की गई लेकिन कई घंटे की मशक्कत के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। देर-रात खबर लिखे जाने तक लोग वहां उसकी तलाश करते रहे।
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महज दस सेकेंड में ढह गई बाउंड्रीवाल
इलाहाबाद। विकास विद्यालय के पीछे करीब साठ फीट लंबी और दस फीट ऊंची बाउंड्रीवाल बनाई गई थी। यह जगह पूरी तरह खाली पड़ी थी। इसमें काटजू बाग, ईश्वर शरण के आसपास का पानी भरता था लेकिन इस पानी के निकलने की कोई जगह वहां नहीं थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है तेज बारिश के दौरान भीतर करीब आठ फीट तक पानी भर गया था। मोहल्ले के दूसरे तरफ से लोग इतना पानी भरता हुआ देख रहे थे। इसी बीच अचानक यह हादसा हो गया। भीतर भरे पानी का जब दबाव बढ़ा तब उसने दीवार तोड़ दी। बाहर निकले पानी की रफ्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उसके ठीक सामने बने पक्के मकान के पूरे अगले हिस्से को तोड़ने में उसे महज दस सेंकेड का समय लगा। यह घर रोडवेज से सेवानिवृत्त कर्मचारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव का है। हादसे केदौरान ओमप्रकाश अपने दो लड़के एवं पत्नी के साथ बाहर बरामदे में थे। उन्होंने बताया बारिश के बीच तेज आवाज के साथ उन्होंने सामने की दीवार टूटने केसाथ उसका पानी अपनी ओर आते देखा। वह सभी भीतर की ओर भागे। तब तक पानी उनके मकान की बाउंड्री वाल तोड़ते हुए भीतर किचन के अंदर तक घुस आया। पूरे घर के भीतर करीब पांच फीट तक पानी भर गया। यही हाल दूसरे सिरे में रहने वाले जयचंद्र चौहान ने भी बताया। उनका कहना था इतनी तेज आवाज थी जिससे लगा कि कहीं कोई छत गिर पड़ी है। जब तक कोई कुछ समय पाता पूरे मोहल्ले में यह पानी घुस गया था।

...देखो मेरे बच्चे का दम न घुट जाए
बच्चे की तलाश के लिए बदहवास मां करती रही मिन्नतें
इलाहाबाद । पानी के तेज बहाव में लापता शिखर की तलाश में मोहल्ले के लोग जुटे रहे। उसकी मां चंदा भी बदहवास होकर वहां मौजूद हर आदमी से अपने बच्चे की जल्द तलाश करने की मिन्नतें कर रही थी। बार-बार कहती कि जल्दी तलाशो, कहीं मेरे बाबू का दम न घुट जाए। लेकिन बारिश एवं पूरी गली-नाले में मलबा पड़े होने से उसे तलाशा नहीं जा पा रहा था। पड़ोसियों के मुताबिक शिखर मां चंदा का इकलौता पुत्र था। उनके पति जयप्रकाश की डेढ़ वर्ष पहले मुत्यु हो चुकी है। देवर बृजेश सिंह गाजियाबाद में मजिस्ट्रेट हैं। उनके जेठ जर्नादन सिंह भदोही में उपभोक्ता फोरम के सदस्य हैं। वह भी उसी गली में रहते हैं। सभी लोग बच्चे की तलाश में जुटे रहे। उधर, अनिकेत की मृत्यु की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची उसके परिवार के लोग भागकर घटना स्थल पर पहुंचे। अनिकेत के मां की मृत्यु दो वर्ष पूर्व हो चुकी है, जबकि पिता घनश्याम गुप्ता दर्जी का काम करके परिवार का पालन-पोषण करता है। उससे बड़ी दो बहनें-ऋचा एवं खुशी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।

मोबाइल की रोशनी में तलाशा लापता बच्चा
इलाहाबाद। देर-रात तक पानी में बहे बच्चे की तलाश में पुलिस एवं स्थानीय लोग जुटे रहे लेकिन पुलिस के पास ऐसे मौके में इस्तेमाल आने वाले कोई उपकरण नहीं थे। बिजली न होने की वजह से मोहल्ले में अंधेरा था, लेकिन पुलिस के पास सर्च लाइट नहीं थी। स्थानीय लोग किसी तरह मोबाइल फोन की टार्च की रोशनी के सहारे बच्चे को तलाश रहे थे।
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गली में सौ मीटर तक फैला दीवार का मलबा
पानी का बहाव इतना तेज था कि गली के भीतर सौ मीटर तक दीवार का मलबा फैल गया। लोगों के घरों के भीतर तक ईंट के टुकड़े पड़े हुए थे।

तीन माह पहले ही बढ़ाई गई थी दीवार की उंचाई
इलाहाबाद। जिस विद्यालय की दीवार पानी के दबाव में टूटी, उसकी उंचाई पिछले तीन माह के भीतर ही बढ़वाई गई थी। आसपास के लोगों का कहना है पहले यह दीवार कम ऊंचाई की थी, लेकिन उसकी ऊंचाई बढ़ाकर करीब दस फीट कर दिया गया लेकिन पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा गया। इस विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई कराई जाती है एवं साथ ही छात्रावास भी चलता है।

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