आगरा के ध्यानार्थ
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यमुना में सीधे गिरने वाले नालों की सूची तलब
0 हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से मांगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मथुरा-वृंदावन में यमुना में सीधे गिरने वाले नालों की हाईकोर्ट ने जानकारी मांगी है। कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा है कि स्वयं इस मामले को देखें और कोर्ट को ऐसी सूची उपलब्ध कराएं। हाईकोर्ट ने अपर्याप्त मात्रा में एसटीपी की उपलब्धता और यमुना में सीधे प्रदूषित पानी गिराए जाने को गंभीरता से लेते हुए प्रदूषण रोकने के ठोस उपाय करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यमुना में प्रदूषण स्तर की जांच अपर जिला जज स्तर के न्यायिक अधिकारी से कराने का निर्देश दिया था। जांच रिपोर्ट और फोटोग्राफ मिलने के बाद मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि रिपोर्ट पर विचार करने के बाद वह हलफनामा दाखिल करें।
मधुमंगल दास शुक्ल की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति राजीव जोशी की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में मथुरा-वृंदावन में यमुना बढ़ रहे प्रदूषण का मामला उठाया गया है। कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने दो दशक पहले ही नदियों को प्रदूषण मुक्त करने का आदेश दिया था, इसके बावजूद आदेश का आज तक पालन नहीं हुआ। अधिकारी सिर्फ कागजी कार्यवाही कर रहें हैं। इससे पूर्व अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि यदि अधिकारी प्रदूषण की रोकथाम करने में विफल रहते हैं तो क्यों न उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया जाए। यमुना में नालों के पानी का बिना ट्रीटमेंट के गिरना गंभीर बात है। नगर आयुक्त ने रिपोर्ट दी है कि एसटीपी की क्षमता बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है जो अभी लंबित है। मामले की अगली सुनवाई एक नवंबर को होगी।