प्रयागराज। नगर निगम सीमा विस्तार प्रक्रिया से शहर पश्चिमी सीमा से जुड़े 11 गांव बाहर होंगे। कुछ नए गांवों को शामिल करने की योजना अटकी है। मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की आपत्ति के बाद बृहस्पतिवार को दिन भर नगर निगम के अफसर माथापच्ची करते रहे। निर्णय लिया गया है कि सीमा विस्तार की संशोधित सूची और प्रस्ताव शुक्रवार को शासन को भेजा जाएगा। प्रमुख सचिव नगर विकास के अनुमोदन पर 31 दिसंबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगेगी।
नगर निगम सीमा विस्तार का काम वर्ष 2013 से अटका है। नगर निगम, पीडीए और राजस्व विभाग ने पांच बार सूची बनाकर शासन के अनुमोदन को भेजी, लेकिन हर बार आपत्तियों के कारण मामला अटक गया। इस बार विकसित हो रहे क्षेत्रों के अनुपातिक आंकलन के बाद 238 गांवों को सीमा विस्तार में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
लखनऊ में बीते मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की आपत्ति पर नगर निगम सीमा विस्तार एक बार फिर टल गया। मंत्री ने कहा था कि वह प्रयागराज के हैं, लेकिन अफसरों ने इस संबंध में न तो उन्हें जानकारी दी और न ही मंत्रणा की। इस संबंध में प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने कमिश्नर को पत्र भेजकर तीन दिन में संशोधित सूची के साथ प्रस्ताव मांगा था।
कमिश्नर के आदेश पर नगर आयुक्त ने तेजी दिखाते हुए बृहस्पतिवार को मातहतों संग दिन भर माथापच्ची की। नाजिर नक्शा और अभियंताओं के साथ आपत्ति वाले गांवों को सूची से बाहर किया गया। फिलहाल कई गांवों को सूची में शामिल करने का मामला फिलहाल फंसा है। इस संबंध में शासन को अलग से पत्र भेजा जाएगा। इस पूरे मामले में प्रशासनिक और नगर निगम के अफसर चुप्पी साधे हैं। सूत्रों के मुताबिक संशोधित सूची मंत्री शासन में बैठे अफसरों और मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के अनुमोदन के बाद कैबिनेट में रखी जाएगी। प्रयागराज के मंत्रियों के अवलोकन के बाद 31 दिसंबर को सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर मुहर लगना तय माना जा रहा है।
सूची से हटेंगे ये गांव
1- बजहा, 2- नसीरपुर सिरना, 3- भीटी ताल्लुक अब्दुल्लापुर, 4- शेरपुर, 5- जलालपुर घोसी, 6- रावतपुर, 7- लखनपुर, 8- चक लखनपुर, 9- सैदपुर खास, 10- रसूलपुर (काशीपुर उपरहार), 11- रसूलपुर (काशीपुर कछार)