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बारिश से बढ़ी दुश्वारियां: फाफामऊ घाट पर रेत में दफन 11 शव बाहर निकले, हिंदू रीति से किया गया अंतिम संस्कार

Tue, 22 Jun 2021 12:24 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बढ़ते जलस्तर से गंगा में हो रही कटान से फाफामऊ श्मशान घाट पर दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बारिश के साथ ही यहां इन दिनों सबसे बड़ी समस्या बन गए हैं कोरोना काल में दफनाए गए शव।
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prayagraj news : गंगा में फिर दो शव मिले। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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बढ़ते जलस्तर से गंगा में हो रही कटान से फाफामऊ श्मशान घाट पर दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बारिश के साथ ही यहां इन दिनों सबसे बड़ी समस्या बन गए हैं कोरोना काल में दफनाए गए शव। सोमवार को फाफामऊ घाट पर बारिश और कटान से रेत में दफनाए गए 11 शवों के निकलने से लोग सकते में आ गए। यह अब तक की सबसे अधिक संख्या है। देर रात तक हिंदू रीति से इन शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। इसी के साथ अब तक रेत से निकलने वाले शवों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।

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prayagraj news : गंगा में मिले लावारिश शव का अंतिम संस्कार करते नगर निगम के पार्षद कमलेश तिवारी। - फोटो : prayagraj
बारिश से रेती हटने के साथ ही गंगा में तेजी से कटान हो रही है। सोमवार को कटान का दायरा और बढ़ गया। इससे रेत में दबे कई और शव बाहर दिखने लगे। गंगा तट से कुछ फीट की दूरी पर ही कई शवों के मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन की चिंता बढ़ गई। दोपहर से शाम तक फाफामऊ घाट पर मजदूरों की मदद से रेती से 11 शव निकलवाए गए। एक साथ इतने शवों के मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन को वाहनों से करीब 50 मन से अधिक लकड़ी मंगानी पड़ी। 
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prayagraj news : लगातार हो रही बारिश और गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण फाफमऊ घाट पर हो रही कटान के कारण शव पानी में बह जा रहे हैं। - फोटो : prayagraj
जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह ने कर्मियों की मदद से सभी शवों पर गंगा जल डलवाया गया। इसके बाद एक साथ चिताएं लगवाईं। कफन और रामनामी के अलावा घी और राल मंगाकर सभी शवों का देर रात तक अंतिम संस्कार कराया जा सका। जोनल अधिकारी ने ही सभी शवों का श्राद्ध किया और मुखाग्नि दी। इस घाट पर अभी और शवों के दबे होने की बात कही जा रही है। उधर, प्रशासन हर कोशिश है कि एक भी शव कटान की वजह से गंगा में बहने न पाएं। समय रहते शवों को रेत से बाहर निकाल कर विधिवत अंतिम संस्कार कराया जाए, ताकि प्रदूषण फैलने से रोका जा सके।
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