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लोक अदालत में 11 हजार से अधिक मुकदमों का निस्तारण

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प्रयागराज। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सुलह समझौते से 11133 मुकदमों का निस्तारण किया। इसमें करोड़ों रुपये के विवादों का निस्तारण कर दिया गया। मोटर वाहन दुघर्टना के तहत 31 मुकदमों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 35 लाख 54 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया। जिला जज ने स्वयं नौ वादों का निस्तारण करते हुए 38 लाख 40 हजार रुपये का मुआवजा भुगतान करवाया।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चंद्रमणि के मुताबिक लोक अदालत में 12 सिविल वादों का निस्तारण हुआ तथा बिजली विभाग के 376 वादों का निस्तारण करते हुए चार लाख 42 हजार 900 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। इसी प्रकार से फौजदारी के अर्थदंड से शमनीय 6548 मुकदमों का निस्तारण करते हुए 12 लाख 81 हजार एक रुपये का अर्थदंड वसूला गया। इसमें सीजेएम हरेंद्र नाथ ने एक लाख 94 हजार 860 रुपये और स्पेशल सीजेएम बबिता पाठक ने दो लाख 88 हजार 500 रुपये अर्थदंड वसूला। लोक अदालत में राजस्व न्यायालयों के कुल 882 मुकदमों का निस्तारण हुआ जबकि बैंकों के प्री लिटिगेशन के 1857 मामलों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 97 लाख 52 हजार 315 रुपये वसूले गए।
इन मामलों का हुआ निस्तारण
मोटर वाहन दुघर्टना -31 - प्रतिकर भुगतान 1,35,54000 करोड़
सिविल वाद - 12
बिजली विभाग -376- अर्थदंड वसूली 4,42,900 लाख
फौजदारी - 6548- अर्थदंड वसूली 12,81,001 लाख
राजस्व वाद - 882
बैंक प्री लिटिगेशन- 1857- बकाया वसूली - 1,97,52,315 करोड़
हाईकोर्ट में 231 का निपटारा, सात करोड़ से अधिक मुआवजा
प्रयागराज। राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट में आयोजित लोक अदालत में 231 वादों का सुलह समझौते से निस्तारण किया गया। इसमें पक्षकारों को सात करोड़ 39 लाख, 64 हजार 18 रुपये के प्रतिकर का भुगतान करवाया गया। लोक अदालत का आयोजन मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के निर्देशन में किया गया। यह जानकारी उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के सचिव निरंजन चंद्र पांडेय ने दी है।
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