प्रयागराज। नगर निगम प्रयागराज की सीमा में शामिल 207 राजस्व ग्रामों के अनुपातिक आंकलन में 102 प्रधानों की कुर्सी हिलेगी। 10 ग्राम पंचायतें आंशिक रूप से प्रभावित होंगी। नगर निगम के करीब तीन साल बाद होने वाले चुनाव तक प्रधानों की ये सीटें रिक्त रहेंगी। चुनाव से करीब छह महीने पहले नगर निगम परिसीमन कराएगा। तब आबादी के लिहाज से 20 नए वार्ड सृजित होंगे। इन 20 वार्डों के साथ प्रयागराज में 100 वार्ड हो जाएंगे। अफसर इस दिशा में नोटिफिकेशन के बाद कार्रवाई शुरू करेंगे।
वर्ष 2020 में पंचायत चुनाव संभावित हैं। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। नगर निगम सीमा में शामिल हुए गांवों में फिलहाल पंचायत चुनाव की तैयारी, मतदाता सूची में संशोधन का काम स्थगित है। अफसरों की इस पर पहले से ही नजर थी। अब इन गांवों में प्रधानी इतिहास होगी और पार्षदी के साथ महापौर का चुनाव लोगों के आकर्षण का केंद्र होगा।
15 लाख के पार हुई शहरी सीमा की आबादी
शासन के निर्देश पर नगर निगम परिसीमन में आबादी के हिसाब से वार्डों का गठन करता है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किए गए आंकलन में शहर की आबादी 11 लाख 12 हजार 544 है। अब सीमा विस्तार के बाद इसमें चार लाख 28 हजार 200 लोगों को जुड़ाव होगा। ऐसे में शहरी सीमा में रहने वालों की आबादी 15 लाख 12 हजार 544 हो गई। यह आबादी सरकारी आंकड़ों में दर्ज है। शासनादेश के मुताबिक वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक नौ से 12 लाख की आबादी तक 80 वार्ड, 12 लाख एक हजार से 15 लाख तक नब्बे और 15 लाख एक हजार से 18 लाख तक 100 वार्ड सृजित किए जा सकते हैं। अब बढ़ी आबादी के लिहाज से भविष्य में नगर निगम वार्डों की संख्या 80 से बढ़कर 100 हो जाएगी। इसके लिए परिसीमन कराया जाएगा।
330 वर्ग किलोमीटर हुआ नगर निगम का दायरा
नगर निगम प्रयागराज का मौजूदा क्षेत्रफल 62.64 वर्ग किलोमीटर है। सीमा विस्तार के तहत प्रयागराज में 207 राजस्व ग्राम व नगर पंचायत झूंसी को शामिल कर 292.09 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल किया गया है। कुछ मजरों को आंशिक रूप से भी शामिल किया गया है। नगर निगम के मुख्य अभियंता सतीश कुमार के मुताबिक क्षेत्रफल के आंकलन में करीब 330 वर्ग किलोमीटर नगर निगम का दायरा होगा।
झूंसी नगर पंचायत अध्यक्ष का विरोध काम न आया
सीमा विस्तार में फूलपुर के 63 गांवों के साथ झूंसी नगर पंचायत को नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए जाने से अध्यक्ष शिल्पी अग्रवाल की नाराजगी बढ़ी है। अध्यक्ष शिल्पी का कहना है कि झूंसी नगर पंचायत की अपनी गरिमा है। नगर निगम वहां कैसे और कब विस्तार कराएगा, पता नहीं। इससे क्षेत्रीय लोग प्रभावित होंगे। शिल्पी के मुताबिक उनकी आपत्ति पर ध्यान नहीं दिया गया। सुनवाई न होने से वह अदालत की शरण में जाने की बात कही है।
बढ़ेगी कर्मचारियों की संख्या
नगर निगम सीमा का विस्तार बेरोजगारों के लिए खुशी की सौगात लेकर आया है। अफसरों के मुताबिक सफाई समेत अन्य कार्यों के लिए करीब एक हजार अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इसके लिए आबादी के लिहाज से परीक्षण कराया जाएगा। जिम्मेदार पदों पर शासन और स्थानीय स्तर पर नगर आयुक्त आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से काम कराने को अधिकृत होंगे। सबसे ज्यादा संख्या सफाई कर्मियों की ही बढ़ेगी।
योजनाओं की तैयारी, मार्च से होंगे काम
नगर निगम के मुख्य अभियंता सतीश कुमार के मुताबिक योजनाओं के प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। इस वित्तीय वर्ष के कार्य लगभग अंतिम चरण में हैं। सीमा विस्तार में शामिल गांवों में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य कराए जाएंगे। इसमें स्थानीय लोगों की भी राय ली जाएगी।