बाबागंज। विद्यालयों में सबसे ज्यादा जरूरी है कि संस्कारयुक्त शिक्षा का माहौल बनाया जाए। इससे न सिर्फ बच्चे संस्कारिक होंगे बल्कि शिक्षकों की गरिमा में भी इजाफा होगा। यह बातें क्षेत्र के गोदाहीं स्थित बैष्णो देवी शिक्षण संस्थान में आयोजित वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि कुलपति इलाहाबाद राज्य विश्व विद्यालय प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद ने कहीं। उन्होंने कहा कि छात्रों में गिरते शिक्षा के स्तर और शिक्षकों का सम्मान न करने की भावना संस्कारयुक्त शिक्षा का अभाव होने के कारण है। ऐसे में यह जरूरी है कि बच्चों में संस्कार भी विकसित किए जाएं। इसके पूर्व उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि चीन के जिनान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. जिया हेताव ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए छात्र-छात्राओं को लगन के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना के बाद स्वागत गीत, आतंकवाद पर आधारित नाटक, वंदेमातरम, तथा कॉन्वेंट विद्यालय की छात्राओं ने राधाकृष्ण नृत्य प्रस्तुत कर लोगों की तालियां बटोरीं। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को प्रबंधक छोटेलाल यादव ने अंगवस्त्रम और स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया। बसंत पंचमी के दिन सराय निर्भय स्थित भारत इंटरनेशनल स्कूल में भी ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना स्कूल प्रबंधक अरुण सिंह ने कराई। साथ ही विद्यालय के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस दौरान एसडीएम विजय पाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष उमाशंकर यादव, सपा जिला उपाध्यक्ष छविनाथ यादव, प्रबंधक कुलदीप पटेल, प्रो. जमुना सिंह, संतोष सिंह, विकास पांडेय, सुबेदार पटेल, डा. विजय यादव, रामसुंदर शास्त्री, अनिल यादव, राजू यादव, बोनी यादव, अंकित यादव, प्रधानाचार्य ओमप्रकाश पटेल, राजू यादव, रमेश, प्राचार्य डा. लालमनी यादव, डॉ.नन्हे लाल यादव आदि मौजूद रहे।