जेट को लखनऊ, पटना का नहीं मिल रहा बेहतर रिस्पांस
0 नागपुर, इंदौर जाने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार हो रहा इजाफा
0 कारोबारियों की मांग दिन की बजाय इलाहाबाद से सुबह चले लखनऊ की फ्लाइट
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। तकरीबन चार माह पूर्व इलाहाबाद से लखनऊ, पटना के लिए शुरू हुई सीधी हवाई सेवा को लेकर शहरी ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बीते कई फेरों के दौरान लखनऊ और पटना के लिए इलाहाबाद से जेट एयरवेज को अपेक्षाकृत कम यात्री मिले। इस वजह से संबंधित विमान कंपनी के प्रतिनिधि भी चिंतित हैं। लखनऊ से आने एवं यहां से जाने वाली फ्लाइट में अब तक बहुत कम ऐसे मौके आए जब उसकी सभी सीटें भरी हों। लखनऊ के सफर में जेट को कुल सीटों के मुकाबले आधे ही यात्री मिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नागपुर और इंदौर का जेट एयरवेज को शुरुआत से ही बेहतर रिस्पांस मिल रहा है।
14 जून को ही सूबे के उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने ही जेट एयरवेज की इलाहाबाद-लखनऊ फ्लाइट का शुभारंभ किया था। लखनऊ और पटना जाने वाली फ्लाइट का संचालन सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, बृहस्पतिवार एवं रविवार को होता है, जबकि नागपुर, इंदौर की फ्लाइट सोमवार, बुधवार और शनिवार को चलती है। इन चारों ही शहरों के लिए एटीआर श्रेणी का विमान जेट एयरवेज संचालित करवा रही है। लखनऊ, पटना के मुकाबले शुरूआत से ही जेट एयरवेज को नागपुर और इंदौर के लिए पर्याप्त यात्री मिले। जबकि लखनऊ और पटना की उड़ान में यात्रियों की संख्या का औसत 50 फीसदी या उससे कम ही रहा। बताया जा रहा है पटना के मुकाबले लखनऊ के यात्रियों का ग्राफ ज्यादा गिरा है। इसकी मुख्य वजह फ्लाइट की रवानगी का समय है। इलाहाबाद से जेट की उड़ान दिन में 12.30 बजे है जो अपराह्न 1.25 बजे लखनऊ पहुंचती है। इसी तरह लखनऊ से सुबह 7.05 बजे चलकर यह फ्लाइट 7.55 बजे इलाहाबाद पहुंच जाती है। कारोबार के सिलसिले में लखनऊ जाने वाले कारोबारी योगेश गोयल, विजय उपाध्याय आदि का कहना है कि इलाहाबाद से फ्लाइट सुबह के समय चलनी चाहिए। वापसी में लखनऊ से जेट की फ्लाइट शाम को वहां से चले। ताकि कारोबारी और नौकरीशुदा लोग दिन भर में अपने काम निपटाकर लौट सकें।
फ्लाइट आगमन के समय एयरपोर्ट पर नहीं है सिटी बस, टैक्सी की सुविधा
वहीं दूसरी जेट की फ्लाइट के आगमन के दौरान एयरपोर्ट पर सिटी बस एवं टैक्सी की सुविधा न होने की वजह से भी लोगों को वहां काफी देर इंतजार करना पड़ता है। शिक्षक सौरभ मालवीय का कहना है कि बम्हरौली एयरपोर्ट पहुंचने में एक घंटे का समय लगता है। उसके बाद एयरपोर्ट में तमाम औपचारिकता पूरी करने में भी तकरीबन घंटे भर का समय लगना तय है। लखनऊ उतरने के बाद भी अमौसी से एयरपोर्ट पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इतने समय में या इससे कुछ ज्यादा वक्त में टैक्सी और वॉल्वो से वहां पहुंचा जा सकता है।
‘नागपुर-इंदौर जाने वाली फ्लाइट का बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। इसके मुकाबले लखनऊ की फ्लाइट में यात्रियों की संख्या थोड़ी कम है। कुंभ तक यात्रियों का बेहतर रिस्पांस मिल सकता है।’
00 सुनील यादव, निदेशक एयरपोर्ट।