नए अफसरों के गले की फांस बनीं पुरानी परीक्षाएं
0 यूपीपीएससी ने परीक्षाएं तो करा लीं लेकिन परिणाम वर्षों से लंबित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पुरानी भर्ती परीक्षाएं आयोग में तैनात नए अफसरों के गले फांस बन गई हैं। तमाम पुरानी भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद हैं या बहुत सी ऐसी परीक्षाएं हैं, जिनके परिणाम पुराने अफसरों ने ध्यान ही नहीं दिया। वर्षों तक परिणाम लंबित रहे और अभ्यर्थियों का गुस्सा बढ़ता गया। अब अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए हैं।
हालांकि पिछले कुछ महीनों ने आयोग ने कई पुरानी परीक्षाओं के परिणाम जारी किए हैं लेकिन कई अन्य परीक्षाओं के परिणाम का अभ्यर्थियों को इंतजार है। ये परीक्षाएं दो से चार साल पहले कराई गईं थी लेकिन अब तक इनका परिणाम घोषित नहीं किया गया। परीक्षा देने वाले तमाम अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा भी पूरी कर चुके हैं। उनके लिए अब यही परीक्षाएं अंतिम सहारा हैं लेकिन पूर्व में आयोग के जिन अफसरों और पदाधिकारियों ने परीक्षाओं का आयोजन कराया, उन्होंने इन तमाम पहलुओं पर कोई ध्यान नहीं दिया और दिक्कत अब अभ्यर्थियों को झेलनी पड़ रही है। आंदोलन शुरू हो जाने से आयोग के अफसरों पर भी शीघ्र परिणाम घोषित करने का दबाव है।
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इन प्रमुख परीक्षाओं के परिणाम लंबित
पीसीएस परीक्षा-2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम (इसमें पांच सवाल गलत पूछे गए थे। इसी को लेकर विवाद)
आरओ-एआरओ परीक्षा-2016 परीक्षा का परिणाम (व्हाट्सएप पर पेपर वायरल हुआ था। इसमें एफआईआर दर्ज है, सीबीसीआईडी जांच चल रही है लेकिन आयोग के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई)
सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा-2013 के तहत अवर अभियंता के 3222 पदों और सहायक अभियंता के 952 पदों के लिए हुई परीक्षा का परिणाम
लोअर-2015 के तहत 635 पदों के लिए हुई मुख्य परीक्षा का परिणाम
एपीएस-2013 की परीक्षा का परिणाम
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आश्वासन पर अभ्यर्थियों का अनशन खत्म
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अफसरों की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा-2013 के अभ्यर्थियों ने सोमवार को आधी रात के बाद अनशन समाप्त कर दिया। आयोग के अनु सचिव सुरेंद्र उपाध्याय की ओर से अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया गया है कि सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा-2013 के तहत सहायक अभियंता के 952 पदों के लिए हुई परीक्षा का परिणाम 15 फरवरी 2018 तक और अवर अभियंता के 3222 पदों के लिए हुई परीक्षा का परिणाम मध्य अप्रैल 2018 तक जारी कर दिया जाएगा। अगर यह आश्वासन अभ्यर्थियों को पहले मिल गया होता तो सोमवार को पांच घंटे तक आयोग के सामने चक्काजाम न होता और न ही अभ्यर्थियों को अनशन पर बैठना पड़ता।