मंडी शुल्क के विरोध में कलक्ट्रेट में गरजे व्यापारी
इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के बैनर तले हुआ प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
जीएसटी लगने के बाद मंडी शुल्क भी लिए जाने से नाराज व्यापारियों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के बैनर तले कलक्ट्रेट पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि मंडी शुल्क उनके लिए सिरदर्द बन गया है। एक जुलाई से जब देश में जीएसटी लागू हो गया है तो उसे लेने का क्या औचित्य है।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी की अगुवाई में पहुंचे व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में एसीएम टू दयाशंकर को सौंपा। यहां व्यापारियों को संबोधित करते हुए सतीश केसरवानी ने कहा कि अनाज पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं है। एक देश में एक टैक्स जीएसटी लागू कर दिया गया है तो मंडी शुल्क तत्काल समाप्त कर उसे जीएसटी में समाहित कर देना चाहिए। यहां व्यापारी नेता संतोष पनामा ने कहा कि मंडी शुल्क समाप्त होना जरूरी है। क्योंकि माल के आवागमन में व्यापारियों के साथ ही उसके आवागमन में अवरोध और किसानों को भी परेशानी होती है। प्रदर्शन करने एवं ज्ञापन देने के दौरान राजेंद्र जायसवाल, नरेश चंद्र जायसवाल, प्रमिल केसरवानी, गोपाल जी केसरवानी, पिंटू जायसवाल, सुशील कुमार, गया प्रसाद केसरवानी, राजकुमार अग्रवाल, राजेंद्र केसरवानी आदि मौजूद रहे।