प्रयागराज। बिजली बिलों का भुगतान न होने से बीएसएनएल के 10 टॉवरों केकनेक्शन फिर काट दिए गए हैं। इससे जिले के बड़े हिस्से में बीएसएनएल का नेटवर्क ठप पड़ गया है। हजारों लीड लाइनें व लैंड लाइनें बंद हो गई हैं। बीते महीने के वेतन का भुगतान भी लटक गया है। इससे अधिकारियों, कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।
खस्ताहाली के दौर से गुजर रहे बीएसएनएल के टॉवरों को चला पाना मुश्किल हो गया है। बिजली बिलों के भुगतान के लिए बजट नहीं है। महीने भर पहले बिजली कटने से 20 टॉवर बंद हो गए थे। एक बार फिर 10 टॉवर बंद हो गए हैं। बिजली बिलों का भुगतान न होने से कनेक्शन काट दिया गया है। इससे हजारों की संख्या में फोन लाइने ठप पड़ गई हैं। बैंक, बीमा से जुड़े काम प्रभावित हो गए हैं। कर्मचारियों का वेतन भुगतान भी फिर से लंबित पड़ गया है।
ऐसे में अधिकारियों, कर्मचारियों के दिलों की धड़कन तेज हो गई है। बीएसएनएल अफसरों के मुताबिक अक्तूबर महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। सीएमडी दफ्तर से कई बार संपर्क साधने और पत्र भेजने के बाद भी इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं हो सकी है। इस वजह से कर्मियों में निराशा पैदा हो गई है। भुगतान में देरी से कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो गए हैं। अफसरों का कहना है कि वेतन देरी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दो बार वेतन बजट जारी होने में देरी हो चुकी है।
सीजीएम का दौरा आज, बंद पड़े टॉवरों का कर सकते हैं निरीक्षण
प्रयागराज। बीएसएनएल के सीजीएम राणा एके सिंह रविवार को प्रयागराज का दौरा करेंगे। इस दौरान वह बंद पड़े टॉवरों का भी निरीक्षण कर सकते हैं। कुछ निर्माणाधीन साइटों पर भी वह जा सकते हैं। सीजीएम के दौरे के मद्देनजर शनिवार को बीएसएनएल के महाप्रबंधक आनंद कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में अफसरों की बैठक हुई। इस दौरान सीजीएम के आगमन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
271 अधिकारियों-कर्मचारियों ने बीआरएस के लिए किया आवेदन
प्रयागराज। बीएसएनएल में 50 वर्ष से अधिक उम्र के अधिकारियों, कर्मचारियों को बीआरएस दिए जाने के एलान के बाद आवेदन करने वालों में होड़ सी मच गई है। शनिवार तक प्रयागराज में 271 अधिकारियों, कर्मचारियों ने बीआरएस के लिए ऑन लाइन आवेदन किए गए गए।
बंद पड़े टॉवरों को चालू कराने की कोशिशें की जा रही हैं। वेतन का भी भुगतान कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आनंद कुमार मिश्र, महाप्रबंधक-बीएसएनएल