बारिश से खेत में गिरी गेहूं की फसल
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विभाग की ओर से 211 ग्राम पंचायतों में नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। फिलहाल की रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ 22 ग्राम पंचायतों में ही 50 फीसदी या इससे अधिक फसल बर्बाद हुई है। इन पंचायतों में जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है, उन्हें ही योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे किसानों का विवरण एकत्रित किया जा रहा है। फसली बीमा का लाभ लेने के लिए किसानों को व्यक्तिगत स्तर पर भी 72 घंटे के भीतर कंपनी के पोर्टल पर आवेदन करना होता है।
किसानों काे एक दिन का अतिरिक्त समय देते हुए 23 मार्च तक आवेदन मांगे गए थे लेकिन सिर्फ 250 किसानों ने ही पोर्टल पर आवेदन किया है। इनमें भी कितने पात्र पाए जाते हैं यह सर्वे के बाद ही पता चल पाएगा। ऐसे में फसल बीमा योजना का लाभ दो हजार किसानों को भी मिल पाएगा इसे लेकर सवाल बन गया है। उप निदेशक कृषि विनोद कुमार का कहना है कि नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
5083 हेक्टेयर में फसलों को 33 फीसदी से अधिक नुकसान
राजस्व विभाग के प्राथमिक के सर्वे के अनुसार कोरांव, मांडा एवं हंडिया में 5083.88 हेक्टेयर खेत में फसलों को 33 फीसदी या इससे अधिक नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक कोरांव में 6824 किसानों की 3129.88 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है। इसके अलावा हंडिया में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं मांडा में दो लोग घायल हो गए हैं। मांडा में एक पशु की भी मौत हाे गई है। मांडा में चार मकान भी गिर गए हैं। हालांकि बृहस्पतिवार देर शाम तक सर्वे का काम जारी रहा। एक-दो दिनों में शासन को फाइनल रिपोर्ट भेज दी जाएगी। एडीएम प्रशासन जगदम्बा सिंह का कहना है कि किसानों को नुकसान की क्षतिपूर्ति की जाएगी।