प्रयागराज में पांच एकड़ में फैला है भवन
इस संगीत केंद्र का पहली बार विस्तार बाबू बैजनाथ सहाय ने 1984 में किया। तब अल्फ्रेड पार्क में करीब पांच एकड़ क्षेत्रफल में प्रयाग संगीत समिति के नए भवन का निर्माण कराया गया। संगीत समिति की इस दूसरी शाखा के निर्माण को पूरा कराने का श्रेय रामेश्वर सहाय को जाता है। संगीत समिति के सचिव अरुण कुमार बताते हैं कि मौजूदा समय लंदन और कनाडा की शाखाएं बंद चल रही हैं।
लंदन में बनारस घराने के तबला वादक राम सहाय के परिजन इसे चलाते थे। फिलहाल इन दोनों जगहों पर नए सिरे से केंद्र का संचालन कराने की दिशा में विचार किया जा रहा है। नेपाल, अमेरिका, सिंगापुर, मॉरीशस, स्पेन, मॉस्को और इंडोनेशिया में केंद्र संचालित हो रहे हैं। परीक्षा विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय 1850 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां निर्धारित समय पर परीक्षाएं कराई जाएंगी।
शोध छात्रों को संगीताचार्य की मिलती है उपाधि
प्रयाग संगीत समिति का पाठ्यक्रम आठ वर्षों का निर्धारित किया गया है। इस समिति की मानद निदेशक उमा दीक्षित बताती हैं कि जूनियर डिप्लोमा, सीनियर डिप्लोमा, संगीत प्रभाकर और संगीत प्रवीण में दाखिले लिए जाते हैं। यहां शोध कार्य करने की भी व्यवस्था है। शोध करने वाले छात्र-छात्राओं को संगीताचार्य की उपाधि दी जाती है।