जिले की तीन तहसीलों की सात नगर पंचायतों के निवासियों को ठंड से बचाव का इंतजाम जिला प्रशासन ने कर दिया है। इसके लिए तहसील प्रशासन को 50-50 हजार रुपये का फंड सप्ताह भर पहले जारी हो चुका है। इधर बीच दो दिन से सुबह और शाम की ठंड बढ़ी पर एक भी नगर पंचायत में अलाव नहीं जलाया गया। इसे लेकर कस्बाइयों में नाराजगी है।
दिसंबर और जनवरी में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड से कस्बे के लोगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन अलर्ट है। तीनों तहसील प्रशासन को सप्ताह भर पहले 50-50 हजार रुपये अलाव जलाने के लिए जिला प्रशासन ने जारी कर दिया है। दिसंबर माह के पहला सप्ताह शुरू होते ही ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसके बाद भी अलाव की रकम पर तहसील प्रशासन कुंडली मारकर बैठा हुआ है। जिले की एक भी नगर पंचायत और तहसील मुख्यालय में सुबह और शाम की ठंड दूर करने के लिए अलाव का इंतजाम नहीं दिख रहा है।
तहसील प्रशासन है कि रुपया मिलने के बाद लकड़ी की खरीद तक नहीं कर सका है। उसे अलाव जलाने के लिए शीतलहरी का इंतजार है। उधर सुबह-शाम बढ़ी ठंड के चलते कस्बों में रहने वाला गरीब तबका कागज व पालीथिन जलाकर बदन सेंकता नजर आ रहा है। मामले में एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि नगर पंचायतों में अभी तक अलाव नहीं जले इसकी जानकारी है। तीनों एसडीएम को जरूरत वाले स्थानों पर अलाव जलवाने के लिए निर्देश देते हुए ठंड से बचाव के उपाय कराए जाएंगे।