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1.5 करोड़ की चोरी में 10 लाख बरामदगी, हो गया खुलासा

Mon, 18 Nov 2019 04:09 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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1.5 Crores theft case from cash van at Junction in Civil lines, Allahabad - फोटो : CITY DESK
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जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में कैशवैन से 1.54 करोड़ रुपये की चोरी का रविवार को पुलिस ने अनूठे ढंग से खुलासा किया। पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार तो किया लेकिन बिना इन्हें मीडिया के सामने लाए ही चुपके से जेल भेज दिया। हाल यह है कि खुलासे के दावे के बाद भी मामलेे में कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं और अफसरों के पास इनके जवाब भी नहीं हैं। यही नहीं कुल चोरी रकम में से बरामदगी भी महज 10 लाख रुपये ही हो सकी है।

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जंक्शन पर तीन अक्तूबर को हुई यह वारदात जिले की सबसे बड़ी चोरियों में से एक रही। यहां तक कि प्रदेश भर में इस घटना की चर्चा रही। इसमें चोरों ने सिविल लाइंस साइड स्थित होटल पोलो मैक्स के सामने खड़ी कैशवैन से 1.52 करोड़ रुपयों से भरा बक्सा उड़ा दिया गया था। इस हाईप्रोफाइल मामले के खुलासे को लेकर पुलिस पर भारी दबाव था। यही वजह थी कि मामले में क्राइम ब्रांच समेत आठ टीमें लगाई गईं।

घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस इस नतीजे पर पहुंची थी कि वारदात में तमिलनाडु के त्रिचुरापल्ल्ली शहर के बदमाशों के गिरोह का हाथ था। यह भी जानकारी मिली कि इसी गिरोह ने वाराणसी केलंका व मुगलसराय में कैशवैन से नगदी उड़ाने की वारदात की थी।
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इसके बाद एक-एक करके टीम ने कैशवैन से बक्सा उड़ाने वाले रवि उर्फ प्रेम कोइरी के अलावा आदित्य उर्फ आदी, मददगार मीना सेल्वी समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया था। रविवार को पुलिस ने 10 लोगोें की गिरफ्तारी दिखाते हुए मामले के खुलासे का दावा किया।

बताया कि उपरोक्त लोगों के अलावा गिरफ्तार आरोपियों में सरगना मुकेश के अलावा जैक, गोकुल, कुमरन बी, साहुल हमीद व सुब्रमण्यम शामिल हैं। इनमें महिला को छोड़कर सभी त्रिचुरापल्ली के रहने वाले हैं। महिला पश्चिम बंगाल के हुगली की है। साथ ही बताया कि आरोपियों के कब्जे से 10 लाख रुपये बरामद हुए हैं।

कई सवाल अनसुलझे, नहीं मिला जवाब
पुलिस अफसर भले ही खुलासे का दावा कर रहे हों लेकिन इस मामले में कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। जिनका जवाब अफसरों के पास नहीं है। मसलन पुलिस अभी यह नहीं बता पाई है कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे। दरअसल सीसीटीवी फुटेज में सात बदमाश नजर आए थे। हालांकि इनमें से कई ऐसे हैं जिन तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच सकी है। इसके अलावा घटना में कुल कितने लोग शामिल थे, सीसीटीवी फुटेज में दिखे अन्य बदमाशों के नाम भी अब तक नहीं खोले जा सके हैं। बरामद रुपयों के अलावा चोरी की गई बाकी रकम किन-किन लोगों के पास है, यह भी पुलिस बताने की स्थिति मेें नहीं है। इसके अलावा वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कैसे भागे और फरारी के दौरान वह किन-किन जगहों पर रहे, इस बारे में भी पुलिस की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई।

अमर उजाला ने पहले ही किया था खुलासा
पुलिस भले ही मामले का खुलासा करने का दावा कर रही हो लेकिन अमर उजाला ने पहले ही बता दिया था कि घटना में शामिल कुछ बदमाशों तक पुलिस न सिर्फ पहुंच चुकी है बल्कि उन्हें हिरासत में भी ले लिया है। गिरफ्तार महिला, बक्सा उड़ाने वाले व उसकी मदद करते फुटेज में दिखे बदमाश को पकड़े जाने की खबर भी प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। हालांकि उस वक्त भी यह बताया गया था कि चोरी गई रकम बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है और इसी वजह से मामले का खुलासा भी अटका हुआ है। रविवार को ख्ुालासे के दौरान 10 लाख की बरामदगी की बात सामने आने के बाद यह साफ भी हो गया।

छह से ज्यादा राज्यों की छानी खाक
करोउ़ों की चोरी को अंजाम देने वाले गिरोह के सदस्य कितने शातिर थे, इसका पता इसी से चलता है कि उन तक पहुंचने में पुलिस को सवा महीने से ज्यादा का वक्त लगा। 10 सदस्यों को गिरफ्तार करने में पुलिस को छह से ज्यादा राज्यों की खाक छाननी पड़ी। इनमें उप्र के अलावा दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु आदि शामिल हैं। इन सभी राज्यों की पुलिस की मदद भी ली गई। टीमें एक नहीं बल्कि कई-कई बार इन राज्यों में जाकर अलग-अलग शहरों में घूमती रही। इसके बावजूद अब तक वारदात को अंजाम देने वाले कई सदस्य उसकी पकड़ से दूर हैं।

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