प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाए जाने के बाद भी परीक्षार्थियों की संख्या में 65895 यानी 1.8 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। बोर्ड की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार हाईस्कूल में 29.82 लाख एवं इंटरमीडिएट में 25.53 लाख छात्रों ने आवेदन किए हैं। इस प्रकार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट मिलाकर कुल 5535137 छात्रों ने आवेदन किए।
आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 5601034 आवेदन आए थे। जबकि, 20-21 के लिए यह संख्या कम होकर 5535137 पहुंच गई। यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि परीक्षा फार्म के साथ आधार अनिवार्य करने, दूसरे प्रदेशों एवं पड़ोसी देशों के छात्रों पर अंकुश लगने के बाद यह संख्या कम हुई है। 2016 में कुल परीक्षार्थियों की संख्या जहां 67.93 लाख थी वहीं, 2021 में यह संख्या 55.35 लाख हो गई। इस प्रकार बीते छह वर्ष में बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या में 12.58 लाख की कमी दर्ज की गई है।
इस प्रकार यूपी बोर्ड में कम हो रही छात्रों की संख्या
| परीक्षा वर्ष |
हाईस्कूल |
इंटर |
कुल |
| 2019-2020 |
30.33 लाख |
25.67 लाख |
56.01 लाख |
| 2018-2019 |
31.92 लाख |
26.03 लाख |
57.95 लाख |
| 2017-2018 |
36.55 लाख |
29.81 लाख |
66.37 लाख |
एक नजर में वर्ष 20-21 के आंकड़े
| हाईस्कूल संस्थागत |
2963687 |
| हाईस्कूल व्यक्तिगत |
18064 |
| हाईस्कूल में आए कुल आवेदन |
2981759 |
| इंटर संस्थागत |
24805641 |
| इंटर व्यक्तिगत |
72822 |
| इंटर में आए कुल आवेदन |
2553386 |
| बोर्ड परीक्षा के लिए आए कुल आवेदन |
5535137 |
नौवीं, ग्यारहवीं अग्रिम पंजीकरण में कम हो गए 4.52 लाख छात्र-छात्राएं
प्रयागराज। यूपी बोर्ड का नौवीं और ग्यारहवीं के छात्रों का अग्रिम पंजीकरण 30 सितंबर को पूरा हो गया। नौवीं-ग्यारहवीं के जिन छात्रों का पंजीकरण किया गया वह 2022 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। दो बार तिथि बढ़ाए जाने के बाद भी इस बार यह संख्या पिछली बार की 5328373 की अपेक्षा में मात्र 4875837 ही पहुंच सकी। यह संख्या पिछले वर्ष से 452536 कम है। इस बार नौवीं में 26.50 लाख और ग्यारहवीं में 22.25 लाख, कुल मिलाकर 48.76 लाख छात्रों ने पंजीकरण करवाया है। इससे पहले 2018 में कुल पंजीकरण कराने वालों की संख्या 54.12 लाख थी।
यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि आधार अनिवार्य किए जाने के चलते एक से अधिक जगह से पंजीकरण कराने पर रोक के चलते नौवीं-ग्यारहवीं में छात्रों की संख्या में कमी आई है। शासन की ओर से यूपी बोर्ड से मंजूरी के बाद भी 329 विद्यालयों की मान्यता पर निर्णय नहीं होने के चलते इन विद्यालयों में अध्ययनरत नौवीं के छात्रों को अग्रिम पंजीकरण से वंचित होना पड़ा है। बोर्ड यदि इन स्कूलों को मान्यता देता तो कम से कम 30 हजार छात्रों की संख्या बढ़ सकती थी।
नौवीं-ग्यारहवीं का अग्रिम पंजीकरण
| नौवीं |
2650687 |
| ग्यारहवीं |
2225150 |
| नौवीं-ग्यारहवीं में कुल पंजीकरण |
4875837 |