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देवरिया कांड में एसआईटी जांच से हाईकोर्ट असंतुष्ट, पीड़िताओं के नाम उजागर करने पर जताई नाराजगी

Tue, 14 Aug 2018 06:43 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, इलाहाबाद
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देवरिया शेल्टर होम कांड की जांच कर रही एसआईटी की कार्यप्रणाली पर हाईकोर्ट ने असंतोष जताया है। विवेचना के तरीके पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा कि अभी तक उन गाड़ियों और उनके चालकों का पता नहीं लगाया गया जो लड़कियों को शेल्टर होम से बाहर ले जाती थी।

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पुलिस ने शेल्टर होम के स्टाफ और लड़कियों के बयान भी दर्ज नहीं किए हैं। उन दो व्हिसल ब्लोअर लड़कियों (पहली बार पुलिस तक शिकायत पहुंचाने वाली लड़कियां) का भी पुलिस ने पता नहीं लगाया है। उनके बयान भी दर्ज होने चाहिए।

मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ के समक्ष सोमवार को एडीजी क्राइम संजय सिंघल और एसएसपी देवरिया रोहन पी तनय भी मौजूद थे। कुछ मीडिया संस्थाओं द्वारा पीड़िताओं के नाम और पहचान उजागर करने पर पीठ ने नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि यदि भविष्य में फिर ऐसा होता है तो अदालत अवमानना की कार्यवाही शुरू करेगी। कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि ब्लैकलिस्ट हो चुके शेल्टर होम में लड़कियों को ले जाने वाले पुलिसकर्मियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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पीठ ने जानना चाहा कि शेल्टर होम की लड़कियों को किस वीआईपी के पास ले जाया जाता था, पुलिस ने यह जानने के लिए अबतक क्या किया है। देवरिया की घटना के बाद क्या प्रदेश के सभी शेल्टर होम में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय ले लिया गया है। सरकार और क्या कदम उठाने जा रही है। पीठ ने सरकार से पूछा कि क्यों न हर जिले के विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को इन नारी संरक्षण गृहों का निरीक्षण और जांच के लिए कहा जाए।

सरकार ने दी सफाई

अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। प्राथमिकी दर्ज कर शेल्टर होम संचालक और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। विवादित शेल्टर होम को सील कर दिया गया है। शेल्टर होम में 18 थानों की पुलिस ने लड़कियों को भेजा था। संबंधित थाना प्रभारी का तबादला कर दिया गया है। शेल्टर होम की 48 लड़कियों में से 47 लड़कियोें को बरामद किया जा चुका है।

अपर महाधिवक्ता ने बताया कि सरकार से मान्यता प्राप्त दो शेल्टर होम वाराणसी की गुड़िया संस्था द्वारा और नोएडा की उद्यान केयर संस्था द्वारा संचालित है। इस मामले में अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। 

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