इस बार रमजान महीने में अगर 30 रोजे हुए तो पांच बार जुमे की नमाज होगी, जिसमें एक जुमा अलविदा की नमाज भी होगी। रमजान में 16 घंटे 14 मिनट का सबसे लंबे वक्त का रोजा होगा। इस भीषण गर्मी में रोजेदार रोजे रखेंगे।
उधर, रमजान में खरीदारी को लेकर रफ्ता-रफ्ता (धीरे-धीरे) बाजार गुलजार होने लगा है। रमजान का चांद अगर 16 मई को नजर आ जाता है, तो 17 मई को पहला रोजा होगा। ऐसे में दूसरा, नौवां, 16वां, 23वां व 30वां रोजा शुक्रवार को पड़ेगा। दिलचस्प यह है कि रोजा गुरुवार से शुरू होकर शुक्रवार को मुकम्मल हो जाएगा।
अक्ल-ओ-बालिग पर रोजा फर्ज
रमजान का महीना 11 महीनों से अफजल (उत्तम) होता है। इस महीने में एक सवाब (पुण्य) के बदले 70 गुना सवाब मिलता है। हर अक्ल-ओ-बालिग पर रोजा फर्ज है। इस महीने जकात देना भी हर साहिबे निसाब पर फर्ज है।
-मोहम्मद खालिद हमीद, शहर मुफ्ती
प्रशासन से लोेगों की मांगें
l मुस्लिम इलाकों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो।
l मस्जिद के आसपास की सड़क और नालियों की साफ-सफाई हो।
l नाला-नालियों में दवा छिड़काव हो, ताकि मच्छरों से रोजेदारों को राहते मिल सके।
l रमजान के 30 दिनों तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए।
खजूर, टोपियों की दुकानें सजीं, बाजार में चहल-पहल
बरकत, रहमत और मगफिरत वाला महीना रमजान को शुरू होने में भले ही चार-पांच दिन बचे हों, लेकिन शहर का बाजार धीरे-धीरे गुलजार होने लगा है। टोपी, खजूर, सिवईं, सूत फेनी से लेकर रमजान में इस्तेमाल होने वाली अन्य चीजों की बिक्री शुरू हो गई है। शुक्रवार को ऊपरकोट, रेलवे रोड, शमशाद मार्केट, सिविल लाइंस सहित अन्य मोहल्लों के बाजार में सामान्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा चहल-पहल रही। खजूर की तरह-तरह की वैराइटी बाजार में आ चुकी हैं। टोपियों और पापड़, चिप्स की दुकानें सज गई हैं। वहीं, इफ्तार व सहरी के वक्त दस्तारखान पर विशेष डबल रोटी बननी शुरू हो गई है। रमजान में विदेशी फल ने अपनी आमद दर्ज करा दी है।