रोजगार मेले में मिली नौकरी युवाओं को नहीं भा रही है। युवाओं का मानना है कि रोजगार मेले में आने वाली कंपनी कम वेतन पर प्रदेश से बाहर जाने का ऑफर देती हैं। दूसरे प्रदेश में महज 11 हजार रुपये मिलते हैं, इतने कम वेतन में दूसरे शहर में गुजारा करना संभव नहीं है।
रोजगार मेले के नाम पर युवाओं के साथ छलावा किया जा रहा है। वेतन के नाम पर महज 11 हजार रुपये में युवाओं को प्रदेश से बाहर नौकरी दी जा रही है। युवा इतने कम वेतन में अपना गांव और शहर छोड़कर जाने से इंकार कर रहे हैं।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत विकास खंड हाथरस कार्यालय में विकास खंड स्तरीय मेले का आयोजन किया गया। उद्घाटन मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख पूनम पांडेय ने किया। आठ कंपनियों ने हिस्सा लिया। 327 युवा नौकरी की आस में मेले में हिस्सा लेने पहुंचे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इनमेें से 153 युवाओं का चयन हुआ।
इस दौरान 11 लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र व 27 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए। हालांकि रोजगार मेले में शामिल आए युवाओं को यह सब छलावा प्रतीत हो रहा था। युवाओं का कहना है कि रोजगार मेले में आने वाली कंपनी कम वेतन पर प्रदेश से बाहर जाने का ऑफर देती हैं। इतने कम वेतन में दूसरे शहर में गुजारा करना संभव नहीं है।
रोजगार मेले में साक्षात्कार के लिए आई थी। मेरा चयन डिजिटल एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी कंपनी राजस्थान में हुआ है। मुझे 11700 रुपये प्रतिमाह वेतन देने की बात कही गई है। इतने कम वेतन में गुजारा होना मुश्किल है, इसलिए मैं ज्वाइन नहीं करुंगी। -स्वस्ती सोनी, जलेसर रोड।
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मैंने बीएससी की शिक्षा ग्रहण की है। रोजगार मेले में मेरा चयन एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी कंपनी राजस्थान में हुआ है। 11700 रुपये के वेतन में गुजारा होना मुश्किल है, इसलिए मैं ज्वाइन नहीं करुंगी। -सोनी, महमूदपुर ब्राह्मणान
रोजगार मेले में आठ कंपनियों ने हिस्सा लिया था। चयनित युवाओं को 11700 से लेकर 14 हजार रुपये तक वेतन दिया जा रहा है। नौकरी के शुरुआती दौर में इतना वेतन काफी है। बाद में वेतन में बढ़ोतरी हो जाती है। - निर्मल किशोर, जिला समन्वयक उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन।