हरदुआगंज तापीय परियोजना परिसर में 660 मेगावाट की नई इकाई के शिलान्यास कार्यक्रम में मंगलवार को आए पूर्व केंद्रीय मंत्री और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री से मुखातिब होते हुए कुछ ऐसा कह गए कि उसको लेकर मंच और सभागार में मौजूद लोग कयास लगाने लगे। बात कुछ बाहर आई और कुछ अंदर ही रह गई।
लेकिन इस प्रक्रिया में ‘बात’ के अर्थ और उसकी दिशा आदि को लेकर चर्चा जरूर शुरू हो गई। रामजी लाल सुमन की इस बात को लेकर बुधवार को भी स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा होती रही।
रामजी लाल सुमन ने संबोधन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री से मुखातिब होते हुए कहा कि ‘आपकी तारीफ करना हमारी मजबूरी है’। अचानक आई इस बात का अर्थ खोजने के लिए पंडाल में बैठे लोग इधर उधर देखने लगे। इस बात के सांकेतिक अर्थ निकाले जाने लगे।
यह मजबूरी वाली बात सुमन जी ने क्यों कहीं? क्यों है मजबूरी तारीफ करना? संभवत: यह बात रामजी लाल सुमन भी समझ गए और फिर संबोधन को सहज बनाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि मैं आपकी तारीफ करूं, पार्टी के लोग तारीफ करें, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन अगर प्रदेश की जनता भी तारीफ करने लगे तो बड़ी बात है।
यह खुशी की बात है कि आज प्रदेश की जनता आपकी तारीफ कर रही है। इसके बाद रामजी लाल सुमन ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि अगर वह लखनऊ को छोड़कर देश के अन्य हिस्सों में भी जाएं (भोपाल, राजस्थान, तमिलनाडु आदि) तो कोई संदेह नहीं कि वह राष्ट्रीय नेतृत्व करेंगे।
सन 2014 के आम चुनाव में देश की जनता ने युवराज (राहुल गांधी) को नकार दिया। इसके बाद जो खालीपन बना है उसे अखिलेश यादव ही भर सकते हैं।