अकराबाद थाना क्षेत्र के गांव नानऊ के मजरा नगला रिसालदार में फसल की रखवाली के लिए खेत में बनाई झोपड़ी में सोते समय आग लगने से एक किसान की जिंदा जलने से मौत हो गई। सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव नगला रिसालदार निवासी पूरन सिंह के बड़े बेटे रमेश ने गांव के ही रामवीर पुत्र चंद्रपाल से पट्टे पर खेत ले रखा है। खेत में मटर की फसल खड़ी है। जिसे छुट्टा पशु नुकसान पहुंचाते हैं। फसल की रखवाली के लिए रमेश ने खेत के एक कोने में झोपड़ी डाल रखी थी। रविवार रात पूरन सिंह का छोटा बेटा राजू (35) खेत पर फसल की रखवाली करने गया था।
राजू झोपड़ी के अंदर बने चूल्हे में ठंड से बचने के लिए आग जला लेता था। देर रात जब वह सो गया, तभी चूल्हे में जल रही आग अचानक झोपड़ी में भी लग गई। आग में जलकर सोते हुए राजू का मौत हो गई। लोगों में चर्चा है कि राजू शराब पीने का आदी था।
सोमवार की सुबह रमेश के बच्चे राजू को खेत पर चाय देने पहुंचे तो नजारा देखकर उनकी चीख निकल गई। बच्चों की चीख पुकार पर आसपास मौजूद किसान व परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना पर क्षेत्राधिकारी बरला अभय कुमार पांडेय एवं थाना प्रभारी निरीक्षक एमपी सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से घटना की जानकारी ली। क्षेत्राधिकारी अभय कुमार पांडेय ने बताया है कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। प्रथम दृष्टता चूल्हे से ही झोपड़ी में आग लगने का कारण सामने आ रहा है, जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पत्नी की मौत के बाद शराब की लग गई थी लत
मृतक के परिजनों ने बताया कि राजू के कोई संतान नहीं थी। कई वर्ष पहले उसकी पत्नी की भी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उसके गुजर जाने के बाद राजू को शराब पीने की लत लग गई। आशंका है कि घटना के वक्त राजू नशे की हालत में झोपड़ी में सो रहा होगा। इसी कारण वह आग से बच नहीं पाया।